बहजोई(संभल)। कलक्ट्रेट सभागार में उर्वरक की उपलब्धता व वितरण आदि को लेकर सीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने डीएओ व एआर को-ऑपरेटिव के साथ बैठक की। निर्देश दिए कि खतौनी प्राप्त कर ही यूरिया का वितरण करें।
मंगलवार को को-ऑपरेटिव के सचिवों समेत खाद की निजी कंपनियों के प्रतिनिधि व थोक विक्रेताओं के साथ हुई बैठक में डीएओ प्रबोध कुमार ने बताया कि जिले में यूरिया 14501 मीट्रिक टन, डीएपी 4091 मीट्रिक टन व एनपीके 9095 मीट्रिक टन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि एक अक्तूबर से पांच जनवरी तक 50010 मीट्रिक टन यूरिया बेचा जा चुका है, जो बीते वर्ष की तुलना में 5759 मीट्रिक टन अधिक है। बीते सात दिनों का औसत यूरिया विक्रय 592 मीट्रिक टन है। डीएओ ने कहा कि गेहूं की फसल की टॉप ड्रेसिंग के लिए नाइट्रोजन का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसान बल्क फर्टिलाइजर के स्थान पर नैनो यूरिया का भी प्रयोग करें।
डीएओ ने बताया कि खाद विक्रेताओं से कहा गया है कि खतौनी प्राप्त कर ही यूरिया का वितरण करें। किसानों को एक हेक्टेयर पर पांच बैग तक, एक एकड़ भूमिधारक को दो बैग व एक एकड़ से कम भूमि धारक को एक बैग दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विक्रेता स्टॉक बोर्ड के अतिरिक्त अपनी दुकान पर बैनर के माध्यम से खाद की उपलब्धता व मूल्य आदि का विवरण अंकित करें। इसके अलावा सीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने सहकारी समितियों के सचिवों से नियम के आधार पर ही खाद का वितरण करने की बात कही।