बच्चे की मौत के बाद बिलखते परिजन
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कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव भमौरी पट्टी में सोमवार सुबह देवेंद्र के चार वर्षीय बेटे अजीत की ट्रैक्टर के पहिये के नीचे दबने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब देवेंद्र का छोटा भाई बजरपुर से भरे ट्रैक्टर-ट्राॅली को पीछे कर रहा था। इसी दौरान अजीत ने बैठने की जिद की थी।
गांव निवासी किसान देवेंद्र ने बताया कि अजीत उनका इकलौता बेटा था। आठ दिन पहले पत्नी सुधा ने बेटी को जन्म दिया है। चार वर्ष बाद बेटी का जन्म होने से घर में खुशी का माहौल था। मकान का भी निर्माण शुरू कराया गया था। इसलिए ही वह रविवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली में बजरपुर भरकर लाया था।
सोमवार सुबह मजदूरों के आने का समय हो रहा था, तो उसका भाई बजरपुर उतारने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे हटाने लगा। जब उसके भाई ने ट्रैक्टर स्टार्ट किया तो अजीत पहुंच गया और ट्रैक्टर पर बैठने की जिद करने लगा। इसी दौरान उसको ट्रैक्टर की सीट पर बैठा लिया था।
जब ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे किया तो झटका लगा। इसी दौरान अजीत ट्रैक्टर की सीट से गिर गया और ट्रैक्टर के पिछले पहिये के नीचे आ गया। उससे मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दूसरी ओर सोमवार शाम अजीत के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
चाचा भी पूरी करते थे सारी जिद
देवेंद्र अपने पांच भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनकी ही शादी हुई है। चार वर्ष पहले जब अजीत का जन्म हुआ, तो परिवार में काफी खुशी मनाई गई थी। अजीत की दादी ऊषा का सबसे ज्यादा लाडला था। देवेंद्र के सभी छोटे भाई भी अजीत की सारी जिद पूरी करते थे।
इसलिए ही उसके जिद करने पर ट्रैक्टर पर उसको बैठाया गया था। अचानक से हुए हादसे ने पूरे परिवार की खुशी को मातम में बदल दिया। ग्रामीणों ने बताया कि आठ दिन पहले देवेंद्र की बेटी के जन्म होने पर काफी खुशी थी। अब बेटे की मौत से परिवार सदमें में है।
बेटे को याद कर बेसुध हो रही मां
सुधा अपने बेटे अजीत की काफी देखभाल करती थीं। अजीत सुबह के समय जब घर से निकलकर बाहर गया तो वह चाचा के पास जाने की बात कहकर गया था। इसलिए किसी ने ध्यान नहीं दिया। हादसे के बाद जब बेटे का शव सुधा ने देखा तो वह बेसुध हो गईं। देर शाम तक सुधा बेटे को याद कर बेसुध होती रहीं।