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Sambhal News: अझरा और बहादरपुर सराय में नहीं बनेगा औद्योगिक गलियारा, सारंगपुर और अमावती गांव शामिल

Sun, 05 Nov 2023 01:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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संभल। लखनऊ से आई यूपीडा की टीम ने शनिवार को जिला प्रशासन के अधिकारी और उद्यमियों के संग गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर से गुजर रहे गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया। टीम ने चिह्नित अझरा और बहादुरपुर सराय उर्फ रायपुर के करीब 60 हेक्टेयर रकबे को हटाकर पड़ोसी गांव सारंगपुर और अमावती कुतुबपुर के रकबे को शामिल किया है।
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औद्योगिक गलियारे के लिए खिरनी में जंक्शन के आसपास अझरा, बहादरपुर सराय उर्फ रायपुर, खिरनी और बसला गांव के जंगल में 171 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति के साथ ही शासन ने सुझाव देते हुए दोबारा प्रस्ताव मांगा था, जिससे यह तय हो गया था कि कुछ बदलाव जरूर होगा। शनिवार की सुबह लखनऊ से यूपीडा के विशेष कार्य अधिकारी चुनकू राम पटेल, विद्युत निगम के मुख्य महाप्रबंधक अरुण पाठक पहुंचे और अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा, एसडीएम सुनील त्रिवेदी, डिप्टी कलेक्टर विनय मिश्रा, भूअर्जन अधिकारी केएस वर्मा, उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और राजस्व टीम के साथ औद्योगिक गलियारे की जमीन का निरीक्षण किया। गंगा एक्सप्रेसवे के समानांतर और आयताकार औद्योगिक गलियारे बनाए जाने पर मंथन किया। बिजली, ट्रांसपोर्ट, जल आदि की जानकारी की। अझरा और बहादरपुर सराय उर्फ रायपुर में आबादी के साथ बड़ी हाईटेंशन लाइन सामने आई। जिस पर दोनों गांवों के रकबे को प्रस्ताव से हटवाया और उनके जगह आदमपुर रोड को छूते हुए अमावती कुतुबपुर और सारंगपुर के रकबे को चिह्नित करने के निर्देश दिए। इसमें लंबाई और गहराई दोनों को बढ़ाए जाने पर बल दिया। ताकि गलियारा समानांतर और आयताकार बन सके। अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि यूपीडा की टीम ने शासन स्तर पर स्वीकृत जिला प्रशासन के प्रस्ताव का स्थलीय निरीक्षण किया है। अझरा और बहादरपुर सराय उर्फ रायपुर के रकबे को हटवाते हुए अमावती कुतुबपुर और सारंगपुर के रकबे को शामिल कराने को कहा है।
बड़े औद्योगिक घरानों को आकर्षित करेगा कच्चा माल
संभल को विभिन्न तरह के कच्चे माल का हब कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी। क्योंकि तमाम देशों को निर्यात होने वाले हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद, मेंथा आदि की उपलब्धता भारी तादात में है। खिरनी के आसपास जहां औद्योगिक गलियारा बन रहा है, वहां आलू की फसल बड़े रकबे में होती है। स्थानीय स्तर पर आसानी से इसे खरीदा जा सकता है। इस लिहाज से फूड इंड्रस्ट्री भी विकसित हो सकती है।
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अझरा और बहादरपुर सराय उर्फ रायपुर के रकबे के स्थान पर नए दो गांवों में चिन्हिकरण दो-चार दिन में पूर्ण करा लिया जाएगा। राजस्व टीम को निर्देशित किया गया है। इसका प्रस्ताव बनाकर फिर से शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिल जाने की स्थिति में शासन के निर्देश पर जल्द भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई कराएंगे।
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प्रदीप वर्मा, एडीएम
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