संभल। औद्योगिक गलियारा में कहां से मिलेगा और कहां से बाहर निकलना है, इसके लिए मुख्य द्वारों का निर्माण होगा। निर्माण कार्य से पहले जहां यह द्वार बनने हैं, उसका सर्वे हुआ है। लखनऊ से पहुंची यूपीडा की टीम ने यह सर्वे किया है। टीम ने इस सर्वे के साथ ही, औद्योगिक गलियारे का जो परिसर रहेगा, उससे जल निकासी के इंतजामों को भी परखा है।
शनिवार को यूपीडा के डिप्टी डायरेक्टर बीडी वर्मा, पीएमसी यूपीडा के डिप्टी टीम लीडर अकील अहमद नजम, हाईवे एक्सपर्ट प्रेमनाथ बोरा ने क्षेत्रीय लेखपाल ओमकार गौड़ ने औद्योगिक गलियारा पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मालूम हो कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे खिरनी मोहिउद्दीनपुर में स्थित गंगा एक्सप्रेसवे जंक्शन के नजदीक औद्योगिक गलियारा विकसित होना है।
यूपीडा ने गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर, बसला, सारंगपुर और अमावती कुतुबपुर में करीब 240 हेक्टेयर भूमि पर यह विकसित होगा। जमीन खरीदने के बाद इकाइयों की स्थापना के लिए उद्यमियों ने जमीन देने के लिए आवेदन किए तो यूपीडा कार्य में भी तेजी ले आया। यही वजह है कि शनिवार को यूपीडा की टीम पहुंची और मौके पर औद्योगिक गलियारा में आने और जाने के लिए द्वार का सर्वे किया। इसके साथ जलनिकासी का भी इंतजाम देखा।