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भारत जीता जागता राष्ट्रपुरुष : डॉ.कर्णपुरी

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संभल। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कर्णपुरी महाराज ने कहा भारत जीता जागता राष्ट्र पुरुष है। कोई धर्मशाला नहीं, जहां कोई भी आकर रह लेगा। इधर-उधर से जो यहां आकर रह रहे हैं, उनको जाने के लिए कहना होगा। यह तभी कह पाएंगे जब कुुटुंब प्रबोधन को अपनाएंगे।
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असमोली क्षेत्र के गांव टांडाकोठी में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. कर्णपुरी ने कहा कि हमारे पुरखों ने 3000 मंदिर, नालंदा, तक्षशिला यूनिवर्सिटी बनाई थीं, जिन्हें मुस्लिम आक्रमणकारियों ने ढहाया और जला दिया। ऐसा इसलिए कि भविष्य में हिंदू शाक्तिशाली न हों। हिंदू आज गंगा किनारे सिमटकर रह गया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भारतीय संस्कृति, मूल्यों को बढ़ावा देने और राष्ट्र निर्माण में सहयोग देने की जिम्मेदारी ली है लेकिन अफसोस हिंदू ही दूर है। सोए हिंदू को जगाने के लिए शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिंदू सम्मेलन करने पड़ रहे हैं। वक्त है सचेत हो जाओ और सामाजिक समरसता, कुुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण से जुड़ जाओ। क्योंकि यह भारतीय संस्कृति और आत्म निर्भर भारत के निर्माण पर केंद्रित है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान बटेंगे तो कटेंगे का समर्थन किया और सख्त लहजे में समझाया कि आरएसएस के बाद इन बातों को समझाने के लिए कोई नहीं आने वाला। इस दौरान एससी/एसटी आयोग की सदस्या साध्वी गीता प्रधान, भाजपा के जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, जिला सेवा प्रमुख गौरव कुमार, सोनू चाहल, अनिल सैनी, विक्रांत ठाकुर, हरर्वेंद्र चौधरी, ओमवीर शर्मा, हरिओम शर्मा, अमित वाल्मीकि, डॉ. मनोज पाल, आकाश शर्मा, सोनू पाल आदि रहे। संचालन असमोली के खंड कार्यवाह अंकुर कुमार ने किया।
खुद और बच्चों से जोड़ें पांच परिवर्तन : सुशील कुमार
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुशील कुमार ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में जिन पांच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व आधारित जीवनशैली और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक निर्माण की बात कर रहा है, यह भारतीय समाज के नवजागरण की आधारशिला के रूप में उभरते हैं। इसलिए जरूरी है कि इसे अपनाएं और बच्चों को आत्मसात कराएं। उनकी दिनचर्या से जोड़ें।
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