चंदौसी। डॉ. कुंवर बेचैन स्मृति न्यास ऑस्ट्रेलिया के तत्वावधान में कवि डॉ. कुंवर बेचैन मार्ग का लोकार्पण जिला प्रशासन की ओर से किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के द्वारा दीप जलाकर किया गया।
कवयित्री आशा बिसारिआ ने सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम को गति दी। गाजियाबाद से आईं वीणा मित्तल ने डॉ कुंवर बेचैन जी के साथ अपने संस्मरणों को साझा किया। उन्होंने कहा कुंवर बेचैन जी जीवित चेतना के कवि थे। कवि पुनीत शर्मा काफिर ने कुंवर जी को श्रद्धांजलि देते हुए काव्य पाठ किया। कवि बेचैन जी के भतीजे प्रतीक सक्सेना ने उनके गीतों को पढ़कर स्वरांजलि दी।
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि संभल कल्कि महोत्सव/विकासोत्सव 2025 के दौरान बहजोई सड़क से लायंस स्कूल चंदौसी तक सड़क निर्माण का कार्य विनियमित क्षेत्र के माध्यम से किया गया एवं जिसकी लागत एक करोड़ सोलह लाख रुपये है। इस सड़क का नामकरण जनपद प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद चंदौसी द्वारा कवि डॉ. कुंवर बेचैन के नाम पर किया गया था। अब इसका लोकार्पण डॉ. कुंवर बेचैन स्मृति न्यास ऑस्ट्रेलिया के तत्वावधान में किया जा रहा है। अध्यक्षता चंदौसी निवासी डॉ. कुंवर बेचैन जी के छोटे भाई राजकुमार सक्सेना ने तथा संचालन कवि डॉ. सौरभ कांत शर्मा ने किया। इस दौरान सुपरिचित साहित्य मनीषियों के साथ-साथ स्थानीय साहित्यकार एवं साहित्य प्रेमी व डॉ.सुरभि सक्सेना आदि उपस्थित रहे।
बता दें कि डॉ. कुंवर बेचैन हिंदी के प्रसिद्ध कवि और लेखक रहे हैं। जिन्होंने विश्वपटल पर चंदौसी का नाम रेखांकित किया है, उनका लालन-पालन चंदौसी में हुआ और उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा से उच्च शिक्षा चंदौसी में ही प्राप्त की। बाद में गाजियाबाद के एमएमएच महाविद्यालय में हिंदी के विभागाध्यक्ष रहे। कोरोना काल 2021 में उनका देहावसान नोएडा हॉस्पिटल में हो गया था। 29 अप्रैल 2026 को उनकी छठी पुण्यतिथि भी है।