रजपुरा (संभल)। क्षेत्र के गांव भीकमपुर जागीर में रविवार की रात पौत्र के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए चचेरे भाई को मनाने गए रामवीर (50) को चचेरे भाई व भतीजों ने लाठी-डंडों से पीटा। जिला अस्तपाल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गांव भीकमपुर जागीर निवासी रामवीर के पांच साल के पौत्र बॉबी का सोमवार की सुबह अनूपशहर गंगाघाट पर मुंडन संस्कार होना था। जिसके लिए रामवीर ने सभी रिश्तेदार और परिचितों को दावत दी थी। लेकिन उसका चचेरा भाई चंद्रपाल नाराज था। रविवार की रात रामवीर चचेरे भाई को पौत्र के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए मनाने के लिए उसके घर गया तो उसकी चंद्रपाल से कहासुनी हो गई। चंद्रपाल ने भतीजे वंशी, सोहनलाल व परिवार के बाबाजी के साथ मिलकर रामवीर को लाठी डंडों से पीटना शुरू कर दिया। सूचना पर रामवीर के परिवार के लोग भी पहुंच गए और जमकर मारपीट व पथराव हुआ। जिसमें रामवीर, दिनेश और बिल्लू घायल हो गए। जबकि दूसरे पक्ष के बाबा सिंह, कालीचरण और वंशी को चोट आई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के रजपुरा सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से डॉक्टरों ने रामवीर को गंभीर हालत में उपचार के लिए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां पर सोमवार की सुबह करीब पांच रामवीर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रामवीर की मौत के बाद पौत्र के मुंडन संस्कार की खुशी मातम में बदल गई। पत्नी रामवती, दो बेटे व चार बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुन्नौर सीओ गणेश कुमार गुप्ता ने बताया कि रामवीर ने घायलावस्था में तहरीर जो थी। उसके आधार पर ही बाबाजी, चंद्रपाल, सोहनलाल और वंशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। रामवीर की मौत की धारा को मुकदमे बढ़ा दिया जाएगा और वादी भी बदला जाएगा।
परिजनों ने पुलिस पर रामवीर को घायलावस्था में हिरासत में रखने का लगाया आरोप
मृतक के भाई भूप सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि घायल रामवीर को पुलिस ने विवाद के बाद तत्काल उपचार नहीं दिलाया। बल्कि हिरासत में रखा। जब रामवीर की हालत बिगड़ी तो सीएचसी रजपुरा ले गए। हालत ज्यादा गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां पर भाई की मौत हो गई। कहा कि यदि तत्काल उपचार मिल जाता तो उसके भाई की जान बच सकती थी। वहीं, दूसरी ओर रजपुरा सीएचसी में रामवीर व अन्य को रात को 11.20 बजे भर्ती कराया गया था। और 1.30 बजे रामवीर को रेफर किया गया। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार रामवीर को 3.50 बजे भर्ती कराया गया था। सुबह 4.55 बजे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। सीओ गणेश कुमार गुप्ता का कहना है कि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप गलत हैं। सभी घायलों का उपचार तत्काल कराया गया था। रामवीर को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया था, जहां उसकी मौत हो गई।
जन्म से पहले पिता और अब दादा का सिर से उठा साया
साढ़े पांच साल पहले रामवीर के बेटे सत्यपाल का जब बीमारी से निधन हुआ था तक उसके पौत्र बॉबी का जन्म भी नहीं हुआ था। जन्म से पहले ही बॉबी के सिर से उसके पिता का साया उठ गया था। पिता की मौत के छह माह बाद बॉबी का जन्म हुआ तो रामवीर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुत्रवधू मोहरकली और पौत्र बॉबी की देखभाल रामवीर ही करते थे। रामवीर की पुत्रवधू मोहरकली ने बताया कि उनके ससुर रामवीर को पौत्र के मुंडन संस्कार का काफी समय से इंतजार था। पौत्र के मुंडन संस्कार पर सभी रिश्तेदार और परिचितों को दावत दी थी। इसलिए ही चचेरे भाई और उनके बच्चों को मनाने के लिए गए थे लेकिन उन्होंने हत्या कर दी। रोते हुए बोली जन्म से पहले पिता और अब दादा का साया भी उसके बेटे के सिर से उठ गया है।
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कोट
विवाद में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। जिसमें एक पक्ष के रामवीर की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवार के लोग हिरासत में रखने का आरोप गलत लगा रहे हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है। -गणेश कुमार गुप्ता, सीओ, गुन्नौर