संभल। कांग्रेस और सपा का गठबंधन जरूर हो गया है लेकिन इस गठबंधन का जिक्र राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान संभल पहुंचने पर नहीं हुआ। राहुल और प्रियंका ने न सपा का जिक्र किया और न गठबंधन का।
बस कहा हम आपके लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। आप हमारा साथ दो। देश, किसान, नौजवान, रोजगार, दलित, पिछले आदि मुद्दों पर खुलकर चर्चा की लेकिन सपा और गठबंधन का जिक्र कहीं नहीं आया। यह चर्चा अब शहर में आम हो रही है। क्योंकि न्याय यात्रा में सपाई बड़ी संख्या में मौजूद रहे। संभल को सपा का गढ़ माना जाता है। संभल लोकसभा क्षेत्र से 1998 और 1999 में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह सांसद रहे। वर्ष 2005 में प्रोफेसर रामगोपाल यादव भी सांसद रहे।
वर्तमान सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क भी सपा से सांसद हैं। वर्ष 2019 में भी सपा और कांग्रेस का गठबंधन था। इस बार भी गठबंधन हुआ है। इसके बाद भी राहुल और प्रियंका ने गठबंधन, सपा और लोकसभा चुनाव का कोई जिक्र नहीं किया। पूरा ध्यान युवा और रोजगार, किसान और देश के अन्य मुद्दों पर रहा। यह बात सपाइयों के साथ अन्य लोगों के गले भी नहीं उतर रही है।
मातीपुर से लेकर दीपपुर डांडा तक बस संभल में ही रूकी न्याय यात्रा
अमरोहा जिले से संभल पहुंची भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने संभल के गांव मातीपुर से करीब चार बजे प्रवेश किया था। यह यात्रा मनोटा पुल होते हुए संभल की ओर आगे बढ़ी। इस दौरान जगह जगह कांग्रेसी और सपाई स्वागत के लिए खड़े हुए लेकिन कहीं यात्रा नहीं रूकी। संभल के चंदौसी चौराहे पर 25 मिनट तक रुकी और आगे बढ़ गई। चौधरी सराय में करीब पांच मिनट यात्रा रुकी। राहुल गांधी ने कुछ लोगों से हाथ मिलाया और इसके बाद गवां की ओर बढ़ गए। खिरनी में असमोली विधायक पिंकी यादव के पति ने स्वागत किया लेकिन वहां भी रुके नहीं। इसके बाद गवां होते हुए दीपपुर डांडा से बुलंदशहर जिले के अनूपशहर में रात करीब सात बजे प्रवेश कर गई। संभल में करीब 65 किलोमीटर यात्रा निकाली गई है।