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Sambhal News: संभल में सार्वजनिक भूमि पर बने मदरसे को खुद ही हटाने लगे लोग

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ओबरी (संभल)। असमोली थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर बंद में सार्वजनिक भूमि पर बने मदरसा गोसुल उलूम और मदरसे वाली मस्जिद की पैमाइश की बात आते ही इस संपत्ति से जुड़े पक्ष ने मौके पर खुद ही इमारत हटानी शुरू कर दी।
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संभल के तहसीलदार द्वारा शनिवार को इसकी पैमाइश कर अगली कार्रवाई के निर्देश जारी करने के बाद मदरसा-मस्जिद पक्ष बृहस्पतिवार सुबह से इसे हटाने लगा। इस परिसर से जुड़े पक्ष का कहना है कि मदरसा-मस्जिद 30 वर्ष पुराने हैं। कुछ दिन पहले मदरसा गोसुल उलूम और मदरसे वाली मस्जिद की ऊपरी मंजिल पर निर्माण शुरू हुआ था। इस दौरान दीवारों में खिड़कियां लगाई गईं तो आसपास के घरों में रहने वालों ने आपत्ति की और डीएम से इसकी शिकायत की। डीएम के आदेश पर संभल के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने गांव में ग्राम समाज की भूमि का सीमांकन करवाया। साथ ही मदरसा-मस्जिद को सार्वजनिक भूमि पर बताते हुए जमीन कब्जा मुक्त कराने के लिए राजस्व निरीक्षक, लेखपालों आदि की टीम गठित कर दी।

इसके बाद तहसीलदार ने इस इमारत को गाटा संख्या 623, रकबा 0.112 हेक्टेयर और गाटा संख्या 630, रकबा 0.126 हेक्टेयर पर बताया। साथ ही कहा कि यह जगह खाद के गड्ढे और खेल के मैदान की है। यानी सार्वजनिक भूमि है। शनिवार (28 मार्च) को इसकी रिकॉर्ड के आधार पर पैमाइश की जाएगी। पैमाइश के बाद सार्वजनिक भूमि खाली कराने की कार्रवाई होगी। गांव के लोगों ने बताया कि इस बीच बुधवार रात मुबारकपुर बंद गांव में संबंधित पक्ष ने पंचायत की। पंचायत में कहा गया कि मदरसा गोसुल उलूम और मदरसे वाली मस्जिद पर अगर बुलडोजर कार्रवाई हुई तो ज्यादा नुकसान होगा। आपसी राय से संबंधित पक्ष ने बृहस्पतिवार की सुबह से मस्जिद और मदरसे को तोड़ने का काम शुरू कर दिया।
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गांव मुबारकपुर बंद में सरकारी जमीन पर हुए निर्माण की पैमाइश करने के लिए टीम गठित कर दी गई है। शनिवार को टीम मौके पर जाएगी। पैमाइश के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। इस बीच गांव के लोगों ने मस्जिद-मदरसे को खुद हटाना शुरू कर दिया है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
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-धीरेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार, संभल
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