चंदौसी के बहजोई रोड स्थित अन्नपूर्णा उत्सव मंडप में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते कथा वाचक अतुल कृष्
चंदौसी(संभल)। बहजोई रोड के अन्नपूर्णा उत्सव मंडप में सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन कथा वाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि कलियुग में प्रभु का नाम लेना ही पर्याप्त है। प्रभु के नाम का भजन करके ही भक्त प्रह्लाद, बालक ध्रुव, मीराबाई, संत रविदास, कबीरदास, चैतन्य महाप्रभु आदि इस भवसागर से पार हो गए।कथा व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा की सरल, सरस एवं अविरल भक्ति-रस से युक्त व्याख्या कराते हुए ज्ञान, वैराग्य और अध्यात्म के समन्वित स्वरूप का रसपान कराया। कहा कि यह कथा हमारी जीवन-पद्धति की सभी समस्याओं का निदान है। इसके श्रवण से हम अपने जीवन को उचित मार्ग पर ले जाकर सार्थक प्रबंधन कर सकते हैं। कथा वाचक ने बताया कि ज्ञानरूपी दीपक प्रत्येक व्यक्ति में विद्यमान है, परंतु उसका प्रखर विकास भागवत कथा के श्रवण से ही संभव है। इस ज्ञान दीपक को ही व्यक्ति अपने जीवन में अखंड प्रज्ज्वलित रख सकता है। उन्होंने कहा कि आज प्रभु नाम की महिमा के कारण ही लाखों अंग्रेज वैष्णव बन गए।
कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर अजय शर्मा, मिलन शर्मा, विनय अग्रवाल, रजनी अग्रवाल, विनोद शर्मा, सौरभ कांत शर्मा,रामोतार शर्मा, दिनेश अग्रवाल, पवन अग्रवाल, अमित गुप्ता, अनिल गोयल, लवली कुमार, गुलशन अरोरा, राकेश पाठक आदि उपस्थित रहे। संवाद