मंगलवार की सुबह 11 बजे से तहसीलदार धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने 22 मकान व दुकानों की पैमाइश शुरू की। इस दौरान लोगों ने अपनी-अपनी संपत्ति होने का दावा तो किया लेकिन प्रमाण नहीं दिखा सके। जबकि राजस्व विभाग की टीम ने जानकारी दी कि यह संपत्ति कब्रिस्तान की है। दस्तावेज में भी यहां कब्रिस्तान ही दर्ज है। मकान और दुकान अवैध बना लिए गए हैं।
डीएम ने बताया कि शिकायत के आधार पर दस्तावेज देखे गए तो उसमें कब्रिस्तान की भूमि है और नॉन जेड है। जबकि मौके पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। बताया कि इसमें कुछ कब्जे 50 वर्ष से भी ज्यादा पुराने हैं जबकि कुछ कब्जे कुछ साल ही पुराने हैं। पैमाइश के दौरान 4780 वर्गमीटर भूमि पर अवैध कब्जा मिला है। कब्जाधारकों को नोटिस दिया जाएगा और उसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
नॉन जेड भूमि जो कि कब्रिस्तान की है। उस पर अवैध कब्जा है। पैमाइश में जितनी भूमि की पैमाइश की गई है। उस पर कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट के माध्यम से धारा 67 के तहत कार्रवाई की जाएगी।- डीएम, संभल।
भूमि की पैमाइश को लेकर अलर्ट रही पुलिस
जामा मस्जिद के नजदीक स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाए गए मकान और दुकान की पैमाइश को लेकर अधिकारी अलर्ट थे। इसी क्रम में मंगलवार को भारी फोर्स के साथ चौकसी बरती गई। क्योंकि संभल अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल है और 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान ही बवाल हो गया था। उसके बाद से लगातार सतर्कता बरती जाती है। डीएम और एसपी ने पैदल मार्च कर लोगों से संवाद किया और शांति बनाए रखने के लिए अपील की। अधिकारी फोर्स के साथ मुख्य बाजार व भीड़भाड़ वाले इलाके में पहुंचे। जहां लोगों से कहा कि कोई भी माहौल खराब करने का प्रयास करे तो पुलिस को सूचना दी जाए।