संभल। श्री कल्कि पधारो धरती पर श्रृंखला के तहत नगर के मोहल्ला पंजू सराय में चल रहे गोरखनाथ महातपा की 45वीं कड़ी के 8वें दिन बुद्धि के देवता बुद्धग्रह का पूजन किया गया।
आध्यात्मिक गुरु राधेश्याम श्रीमाली ने कहा कि अयोध्या श्रीराम की, मथुरा श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के समान ही तमाम धर्मग्रंथों व श्री कल्कि महापुराण में वर्णित 68 तीर्थ, 19 कूप, 36 पुरे, 52 बावन सराय की नगरी संभल भगवान श्री कल्की की जन्मभूमि है। यह सभी संभल वासियों का परम सौभाग्य है। हम सबका प्रथम कर्तव्य है कि पूर्ण श्रद्धा, भक्ति, श्री कल्कि महानाम को पुकारे और प्रभु की कृपा और दर्शन के पात्र बनें।
उन्होंने कहा कि श्री कल्कि पधारो धरती पर श्रृंखला के तहत साधना करने वाले साधक-साधिकाओं का अधिकांश अनुभव रहा है कि प्रभु को जब भी मुक्त मन से श्रद्धा के साथ पुकारा है। उन्होंने अपनी उपस्थिति का ज्ञान अवश्य कराया है। ऐसे में जरूरी है कि आज से ही अपने जीवन के महत्वपूर्ण समय में से समय निकाल कर कम से कम एक घंटा श्री कल्कि महानाम का जाप करें। इस दौरान नरेश कुमार सैनी, विनीत कुमार, हर्षवर्धन, डॉ.सुरेशचंद्र, ज्वालेश श्रीमाली, लोकेश श्रीमाली, नितिन, सचिन, पप्पू, भीकम सैनी, तनिष्क मोहन, रितिक मोहन, यशवर्धन राघव, सुनीता देवी, नीरज देवी आदि रहे।