चंदौसी डिवीजन के खिरनी मोहिउद्दीनपुर स्थित बिजलीघर पर पिछले 15 दिनों से धरना दे रहे भाकियू अराजनैतिक असली (अअ) के पदाधिकारियों की मांग पूरी नहीं होने पर रोष पनप गया। किसानों ने संभल-गवां मार्ग पर रविवार की दोपहर तीन बजे जाम लगा दिया। मुख्य मार्ग पर जाम के हालात बने तो एसडीएम व विद्युत निगम के अधिकारी पहुंचे और किसानों की मांगों को सुना और एक महीने में सभी मांगों के निस्तारण के आश्वासन पर सहमति बनी। इसके बाद मुख्य मार्ग से धरना समाप्त किया गया। करीब पौने दो घंटे तक रोड जाम होने के कारण दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।
किसानों का यह धरना खिरनी मोहिउद्दीनपुर स्थित बिजलीघर पर बिजली की समस्याओं से निजात के लिए 15 दिन से चल रहा था। किसानों ने मांग की थी कि शेड्यूल निर्धारित कर 18 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाए। उनका कहना था कि वर्तमान में मात्र चार घंटे ही आपूर्ति मिल रही है जिससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती है। इसके अलावा खिरनी मोहिउद्दीनपुर बिजलीघर के नारंगपुर फीडर नंबर तीन की क्षमता बढ़ाई जाए। धरने की सूचना पर मौके पर पहुंचे संभल एसडीएम विनय कुमार मिश्र, सीओ बहजोई प्रदीप कुमार, चंदौसी डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार पांडेय, उपखंड अधिकारी अनिल कुमार व कैलादेवी थाना प्रभारी नरेश कुमार ने किसानों की सभी मांगों के निस्तारण का आश्वासन दिया और इसके लिए एक महीने का समय मांगा जिस पर किसानों ने सहमति जताई। इसके बाद मुख्य मार्ग से धरना समाप्त कर दिया गया। तब जाम खुला और यातायात व्यवस्था सुचारुहो सकी। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने बताया कि विद्युत निगम के अधिकारी और एसडीएम ने एक महीने का समय मांगा है। यदि तय समय पर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो दो सितंबर को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
धरने के दौरान भाकियू नेताओं की जेब कटी
मुख्य मार्ग पर धरने के दौरान सैकड़ों की संख्या में किसान एकत्र थे। जब बारिश हुई तो ज्यादातर किसान एक तिरपाल के नीचे आ गए। इसी दौरान कुछ जेब कतरे भी वहां आ गए। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव की जेब से 12 हजार रुपये निकाल लिए। इसके अलावा बिरलेश यादव की जेब से पर्स निकाल लिया जिसमें जरूरी दस्तावेज और कुछ रुपये थे। इसके अलावा भी कई किसानों की जेब से रुपये साफ किए गए।