मढ़न गांव में रविवार रात बीजेपी समर्थक के भाई की हत्या में सपा समर्थक जिला पंचायत सदस्य के पति को भाई समेत गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं। इधर, पुलिस की कार्यशैली पर सोमवार को लोगों का आक्रोश भड़क उठा। पोस्टमार्टम कराने के बाद लौटते समय परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उनकी मांग थी चौकी इंचार्ज को निलंबित करने के साथ नामजद बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाए। सूचना पर पहुंचे सीओ ने समझा बुझाकर जैसे तैसे पंद्रह मिनट में जाम खुलवाया। इधर, देर शाम चौकी इंचार्ज होरी सिंह यादव और एक सिपाही मनोज कुमार को चौकी से हटा दिया गया। दोनों को थाने से संबद्ध कर दिया गया है।
सोमवार को सुबह पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शाम 4.00 बजे जैसे ही शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो परिजनों ने असमोली चौधरपुर मार्ग पर शव को रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को निलंबित करने की मांग की। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने आरोपियों से मिलकर हत्या कराई है।
जाम के दौरान परिजनों ने पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। बाद में पुलिस ने चौकी इंचार्ज को निलंबित करने और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। तकरीबन 15 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा।
शाम को 7.00 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर, देर शाम चौकी इंचार्ज होरी सिंह यादव और एक सिपाही मनोज कुमार को चौकी से हटा दिया गया।
दोनों को थाने से संबद्ध कर दिया गया है।
योगी जिंदाबाद के नारे लगाने पर हत्या का मामला
गांव मढ़न निवासी शिवलाल का बेटा मोनू रविवार को राज्यमंत्री गुलाब देवी से मिलने के लिए चंदौसी गया था। रात में 8.30 बजे मोनू कार से घर लौटा तो जोश में भाजपा जिंदाबाद, योगी जिंदाबाद का नारे लगाने लगा। आरोप है कि, यह नारा जिला पंचायत सदस्य के पति शिशुपाल ने सुना तो साथियों के साथ मिलकर फायरिंग कर दी।
फायरिंग में मोनू तो किसी तरह बच गया लेकिन उसके भाई विनिकेत उर्फ नन्हें (16) के पेट में गोली लग गई। फायरिंग के बाद आरोपियों ने पथराव करना शुरू कर दिया। पथराव में सोनू, सरोज, और आशीष घायल हो गए। पथराव और फायरिंग से गांव में अफरा-तफरी मच गई थी। परिजन घायल विनिकेत उर्फ नन्हें को गाड़ी में डालकर अस्पताल ले जाने लगे तो आरोपियों ने गाड़ी को घेर लिया। पंद्रह मिनट तक गाडी को नहीं निकलने दिया।
आरोप है इस दौरान वहां पहुंची मढ़न चौकी पुलिस तमाशा देखती रही। बाद में परिजन घायल को मुरादाबाद लेकर गए लेकिन अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद गांव में तनाव स्थिति पैदा हो गई। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
इधर, पिता शिवलाल सिंह की तहरीर पर मढ़न चौकी पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य के पति और इंटर कालेज के शिक्षक शिशुपाल और इनके भाई नंटू पुत्र बाबूराम के साथ राजकुमार पुत्र ओमप्रकाश, गोधा पुत्र देवीराम, नन्हें पुत्र हुलासी और जिला पंचायत सदस्य ऊषा रानी पत्नी शिशुपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।