चंदौसी। मंडी समिति में किसानों से अवैध वसूली करने का आरोप लगने पर पल्लेदारों ने गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। वहां तैनात होमगार्ड दरोगा व अन्य स्टाफ ने डंडा लेकर प्रदर्शन कर रहे पल्लेदारों को दौड़ा दिया। बाद में मंडी समिति सचिव ने पल्लेदारों को समझा बुझाकर काम पर भेज दिया और अवैध वसूली करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं व्यापारी, आढ़तियों को भी बैठक में किसानों से वसूली की शिकायत मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने की चेतावनी दी है।
मंडी समिति में इस समय धान खूब आ रहा है। किसानों ने सचिव से शिकायत की थी कि आढ़ती के यहां धान बेचने पर व्यापारी के अलावा पल्लेदार भी 15 से 20 रुपये क्विंटल तक की वसूली कर रहे हैं। अवैध वसूली की शिकायत पर मंडी समिति सचिव मलखान सिंह ने बुधवार की सुबह पल्लेदारों को गेट पर ही रोक दिया। उन्होंने किसानों से वसूली किए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। इस बात पर पल्लेदार नाराज हो गए।
उन्होंने वही पर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामा होता देखकर होमगार्ड दरोगा व अन्य स्टाफ ने डंडा लेकर पल्लेदारों को दौड़ा दिया। बाद में मंडी समिति सचिव ने पल्लेदारों से बात की। पल्लेदारों ने आरोप लगाया कि आढ़ती किसानों से ढुलाई व सफाई के नाम पर 30 रुपये से लेकर 40 रुपये प्रति क्विंटल तक वसूलते हैं। उन्हें कम पैसे देते हैं। इस पर मंडी समिति सचिव मलखान ने पल्लेदारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। कहा कि वह किसानों से वसूली करेंगे, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आढ़तियों ने 15 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक लिए तो लाइसेंस होगा निरस्त
पल्लेदारों की शिकायत पर देरशाम मंडी समिति सचिव मलखान सिंह ने आढ़ती, व्यापारियों के साथ बैठक की। कहा कि शासन ने ढुलाई व सफाई के लिए 15 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की है। यदि व्यापारी या आढ़ती द्वारा किसानों से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायत मिली तो उनका लाइसेंस निरस्त होगा और कार्रवाई भी की जाएगी।