चंदौसी। संभल गेट क्षेत्र में एक मोहल्ला ऐसा है, जहां पर 100 साल पहले होली रखने के बाद मोहल्ले का नाम होली मोहल्ला पड़ गया। नगर पालिका और पुलिस अभिलेखों में भी होली मोहल्ला का नाम दर्ज है। मोहल्ले में 100 वर्ष पहले शुरू की गई होलिका दहन की परंपरा आज तक चला आ रही है।
संभल गेट के पास एक गली में 100 साल पुराना एसएम कॉलेज की संस्थापक रानी रामकली का आवास है। जिसमें अब उनके संबंधी राजीव कुमार अग्रवाल निवास करते हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक शताब्दी पहले शहर में गिने चुने स्थानों पर होलिका दहन होता था। जिसमें प्रमुख पुरानी पैंठ की होली थी। बताया कि 100 साल पहले उनके मोहल्ले में पहली बार होली रखी गई थी। जिसके बाद हर साल होलिका दहन होने लगा। इसके बाद मोहल्ले का नाम होली मोहल्ला पड़ गया और होली मोहल्ला का नाम नगर पालिका और पुलिस अभिलेखों में भी दर्ज हो गया।
आसपास के मोहल्ले के लोग करते हैं पूजन
मोहल्ला जोगियान, घटलेश्वर गेट, नोनवाला, बड़ा महादेव, गोशाला रोड, संभल गेट समेत कई मोहल्ले के लोग यहां होली पूजन के लिए आते हैं। परंपरा है कि जहां पूर्वज होलिका में गन्ने व गेहूं की बाली भूनने जाते थे। वहीं पर उनके वंशज जाते हैं। इन मोहल्लों की महिलाएं भी होलिका दहन से पहले पूजन करने के लिए जाती हैं।
वर्जन
100 वर्ष पहले मोहल्ले के लोगाें को होलिका पूजन के लिए दूर जाना पड़ता था। मोहल्ले में चौक पर रानी रामकली का मकान है। उनके पूर्वजों ने होली रखी थी। जिसके बाद मोहल्ला नाम होली मोहल्ला रख दिया। वह और उनका परिवार होली रखने की परंपरा को कायम रखने के लिए व्यवस्था देखते हैं। -राजेंद्र कुमार अग्रवाल, होली व्यवस्थापक, होली मोहल्ला
रात 10.50 बजे पुरानी पैंठ की होली में आग लगने के बाद ही अन्य जगह होगा होलिका दहन
इस बार बृहस्पतिवार की रात 10:50 बजे होलिका दहन किया जाएगा। परंपरा अनुसार सबसे पहले पुरानी पैंठ पर होलिका दहन होगा और इसके बाद अन्य स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। परंपरा अनुसार पुरानी पैंठ पर होलिका दहन के लिए सभासद अनुराग अग्रवाल का परिवार भजन कीर्तन के साथ पूजन की थाली लेकर पुरानी पैंठ होलिका दहन पहुंचते हैं और पूजन के बाद पुरानी पैंठ के राजीव अग्रवाल के परिवार की देखरेख में होलिका दहन किया जाता है। यहां विधि से पूजन के बाद खेड़ापति द्वारा होली में अग्नि प्रज्ज्वलित की जाती है।