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Sambhal News: धर्महित हाथ में न लेंगे तलवार हिंदू, फिर हिंदू धर्म का खिवईया कौन...

Thu, 16 Oct 2025 02:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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चंदौसी के गांधी पार्क में आयोजित कवि सम्मेलन में प्रस्तुति देते कवि व मंचासीन कवि। संवाद
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चंदौसी (संभल)। कंपनी बाग में चल रहे स्वदेशी मेले में बुधवार की शाम कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें कवियों ने कविता पाठ की प्रस्तुति देकर जमकर वाहवाही लूटी। तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंजता रहा।
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कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह, ब्लॉक प्रमुख बनियाखेड़ा डॉ. सुगंधा सिंह, भाजपा नगराध्यक्ष अंकुर अग्रवाल रहे।
अध्यक्षता करते हुए कवि माधव मिश्रा ने सुनाया पति परमेश्वर वावेला नामक चुना भी, लहरों से खेलता हुआ लहराके गिर पड़ा। यानि किसी के प्यार में बलखाके गिर पड़ा। संचालन करते हुए कवि सुखपाल सिंह गौर ने विश्व की बातें करें विश्व को जगाना है, आगे बढ़ना है और देश का बढ़ाना है, आओ मिल कर आज ये वायदा कर लें, जो भी लाना है हमें स्वदेशी लाना है सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
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कवि विकास कुमार मिश्रा ने स्वयं की कैद से परे अलग ठिकाना चाहता है, देखो दिल हमारा है पास तुम्हारे जाना चाहता है पंक्तियां सुनाकर प्रेम का संदेश दिया। बजीरगंज से आए कवि अखिलेश ठाकुर ने धर्महित हाथ में न लेंगे तलवार हिंदू, फिर हिंदू धर्म का खिवईया बनेगा कौन, उत्तराखंड से आईं कवियत्री शांति राणा ने बंदगी कर्मो की मोहताज नहीं होती है, ईश्वर की लाठी में आवाज नहीं होती है, कवि शिवाय दीक्षित ने कण-कण के ये विध्वंस मचाते, उतरे साने वज्र धरा पर, कवि सौरभ कांत शर्मा ने अपनी पंक्तियां सुना कर श्रोताओं को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। कार्यक्रम संयोंजक मनोज कठैरिया रहे।
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