संभल। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एमजीएम कॉलेज में हिंदी विभाग द्वारा बाजारीकरण और हिंदी विषय पर विचार गोष्ठी हुई। जिसमें हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला गया।विचार गोष्ठी की शुरूआत में डॉ. विजयलक्ष्मी शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि हिंदी निरंतर प्रगति पथ अग्रसर है। डॉ. फहीम अहमद ने बताया कि हिंदी राष्ट्रीय स्वाभिमान और अस्मिता की प्रतीक है। डॉ. नवीन यादव ने कहा कि हिंदी जनमन की भाषा है। डॉ.रीतू भटनागर ने गीत प्रस्तुत किया। डॉ. निरंकार सिंह ने कहा कि हिंदी की गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण रखना हमारा कर्तव्य है। डॉ.अजय कुमार ने कहा कि हर भाषा महत्वपूर्ण है किंतु हिंदी हमारे देश की संस्कृति है।
हिंदी विभाग के प्रभारी डॉ. मोहम्मद इमरान खान ने बाजारीकरण के दौर में हिंदी की सार्थकता और महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. आबिद हुसैन ने कहा कि हिंदी सबसे वैज्ञानिक और सरल भाषा है। डॉ. मोहम्मद नदीम ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान डॉ. राघवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. शशिकांत गोयल, डॉ.प्रकाश नारायण, डॉ.अमृतेश अवस्थी, डॉ. रियाज अनवर, डॉ. निलेश कुमार, डॉ. मोहम्मद अहमद, डॉ. विकास सिंह यादव, डॉ. संजय बाबू दुबे, डॉ.दिलदार हुसैन, डॉ.दुष्यंत मिश्र, डॉ.अनुभा गुप्ता आदि रहे। संचालन डॉ. फहीम अहमद ने किया।
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हिंदी भाषी होने पर होना चाहिए गर्व
संभल। श्री बालाजी ज्ञान ज्योति संस्थान हल्लू सराय में हिंदी दिवस से पूर्व शनिवार को विचार गोष्ठी में प्रबंधक दीपक शर्मा, प्रधानाचार्य विकास कुमार वर्मा आदि ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया।
शिक्षिका अनीता श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी दिवस हिंदी भाषा के प्रचार, प्रसार व उसके उपयोग के लिए समर्पित एक दिवस है। हम हिंदी भाषी हैं और हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए। प्रबंधक दीपक शर्मा ने कहा कि आज अधिकांश लोग अपनी सामान्य बोल चाल में अंग्रेज़ी भाषा के शब्दों का उपयोग करते हैं या करना चाहते हैं, इससे हिंदी कुछ कमजोर हो सकती है। अगर जल्द ही छोटे–छोटे प्रयासों द्वारा मातृभाषा हिंदी को अपने जीवन में एक अनिवार्य स्थान नहीं दिया तो यह दूसरी भाषाओं से हो रही स्पर्धा में बहुत पीछे रह जाएगी। बच्चों ने भी हिंदी में गीत व कविताएं सुनाकर हिंदी को सशक्त भाषा बनाने में अपना योगदान दिया। इस दौरान आकांक्षा ठाकुर, पायल ठाकुर, ज्योति, रुपाली, नंदनी, विशाखा ठाकुर, तपस्या, अनीता श्रीवास्तव, विकास कुमार वर्मा आदि रहे। संवाद
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कविता लेखन में ऋणिका रहीं प्रथम
संभल। बाल विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल में हिंदी दिवस के मौके पर कविता लेखन, सदवाक्य पोस्टर और महान व्यक्तियों के रंगीन चित्रांकन प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। हेड गर्ल नवा गौस, हेड बाॅय अवधेश और शिक्षकों-शिक्षिकाओं ने हिंदी दिवस पर विचार रखे। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में कृतिका और जयश्री रहीं। कविता लेखन में कक्षा छह की ऋणिका प्रथम, पूर्णिमा द्वितीय, भावना तृतीय रहीं। सदवाक्य पोस्टर प्रतियोगिता में कक्षा सात की माही प्रथम, पूर्वा द्वितीय और अतूफा तृतीय, महान व्यक्तियों के रंगीन चित्रण प्रतियोगिता में कक्षा आठ से पवन प्रथम, रश्मि, शहीर द्वितीय और नवा, नैना तृतीय रहीं। प्रधानाध्यापक अर्जुन सिंह, यशी शुक्ला, श्वेता तिवारी, हर्षित गुप्ता का सहयोग रहा। संवाद