बहजोई(संभल)। यादव कॉलोनी रेलवे लाइन के नजदीक छह दिन पहले हुए दो पक्षों के विवाद में घायल बुजुर्ग महिला सोनवती (65) की उपचार के दौरान मेरठ में मौत हो गई। परिजन शव लेकर रविवार को घर पहुंचे तो आक्रोश पनप गया। कलक्ट्रेट के नजदीक हाईवे पर शव रखकर जाम लगाया। साथ ही स्टेशन रोड भी बंद कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर हत्या करने वाले आरोपी को छोड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।
जाम लगने की सूचना पर पहुंची पुलिस से भी परिजनों की जमकर नोकझोंक हुई। कुछ जिम्मेदार लोग मौके पर पहुंचे तो पीड़ित परिवार को समझाया और जाम खुलवाया गया। करीब पौन घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मृतका की बेटी सुनीता ने बताया कि चार मई की दोपहर कुछ लोगों ने मारपीट कर मां सोनवती का गला दबा दिया था। इससे उनकी हालत बिगड़ गई थी और मेरठ के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। तब घटना की शिकायत करने पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था। बाद में वह छूट गया। अब इलाज के दौरान छठे दिन मां की मौत हो गई।
बेटी का कहना है कि पुलिस ने आरोपी को पकड़कर छोड़ दिया जबकि सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए थी। बताया कि विवाद पानी की निकासी को लेकर हुआ था।
वहीं, दूसरी ओर कार्यवाहक थाना प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि पानी की निकासी को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। तब तहरीर मिलने पर आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर दिया था। महिला की मौत हो गई है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हाईवे पर लेटकर परिजनों ने किया हंगामा
बहजोई। बुजुर्ग महिला की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने हाईवे की दोनों लेन पर जाम लगा दिया। परिजनों ने सड़क पर बाइकें खड़ीं कर दीं। इससे हाईवे पर यातायात थम गया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। इस बीच, कई बार जाम लगाने को लेकर परिजनों ने सड़क पर लेटकर हंगामा भी किया। इस बीच, पालिकाध्यक्ष राजेश शंकर राजू समेत अन्य लोगों ने भी परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने एक ने एक न सुनी और हाईवे पर जमकर हंगामा किया। इस बीच, परिजनों ने रेलवे रोड वाली सड़क पर भी जाम लगा दिया। वहीं, कोतवाली व यातायात पुलिस की कड़ी मशक्कत पर करीब पौने एक घंटे बाद हाईवे पर से जाम हटा और हाईवे पर यातायात सुचारू हो सका।
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हंगामा देख फूले पुलिस के हाथ-पांव
बहजोई। सूचना पर पहुंची पुलिस के हाईवे पर हंगामा कर रहे लोगों को देखकर हाथ-पांव फूल गए। पुलिस जितना परिजनों को समझा रही थी, परिजन उतना ही उग्र होकर हंगामा कर रहे थे। बाद में, और पुलिस बल बुलाया गया, यातायात पुलिस भी पहुंच गई। तब कहीं, समझा-बुझाकर व आरोपी के खिलाफ कार्रवाई व गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद परिजन माने और हंगामा बंद किया।