जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से कार्यकत्रियों की तीखी नोकझोंक और झड़प भी हुई। बबराला में सांसद के आश्वासन पर कार्यकत्रियाें ने जाम खोल दिया।
असमोली ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को छह महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया हैै। इसको लेकर बृहस्पतिवार की दोपहर करीब दो बजे उनका आक्रोश गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने असमोली-जोया हाईवे पर पेट्रोल पंप के निकट जाम लगा दिया। दो घंटे में तीन किलोमीटर से लंबा जाम लग गया।
जाम हटवाने पहुंची असमोली थाने की पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। एक दरोगा ने जाम हटवाने के लिए जब तू-तड़ाक किया तो कार्यकत्रियां बिफर गईं। कुछ कार्यकत्रियां तो सड़क पर ही लेट गईं। जाम शाम चार बजे तब हटा जब विभागीय जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर मानदेय जल्दी ही दिलाने का भरोसा दिया।
वहीं, उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकत्री सहायिका संघ के बैनर तले सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बबराला में सांसद धर्मेंद्र यादव को मांग पत्र सौंपना चाहती थीं। सांसद के आने से पहले उन्होंने अचानक बदायूं-बबराला मार्ग पर स्थित हीरपुर इटउवा गांव के निकट हाइवे पर धरना शुरू कर दिया।
इससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। चंदौसी के सीओ अभिषेक यादव भारी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों के साथ जाम खुलवाने के लिए पहुंचे और उन्हें सांसद से मिलाने का आश्वासन देने लगे। लेकिन कार्यकत्रियां हटने को राजी नहीं थीं। पुलिस ने कई बार जाम खुलवाने की कोशिश की लेकिन कार्यकत्रियां सांसद के आने तक नहीं मानी। बारह से एक बजे तक जाम लगा रहा। सांसद धर्मेंद्र यादव के मांगें पूरी कराने के आश्वासन के बाद कार्यकत्रियाें ने जाम खोल दिया।