बहजोई (संभल)। कूट रचित दस्तावेज तैयार कर आधार के मूल डाटा बेस में फर्जी संशोधन करने वाले अंतर जनपदीय गिरोह के सदस्यों के लिए कृत्रिम फिंगर प्रिंट बनाने वाले हरियाणा के जिला पलवल के थाना हथीन के गांव मंडकौला निवासी आरोपी मनोज को बहजोई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रभारी इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने दरोगा कपिल कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी को बुधवार को सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे डयोढाई तिराहे से गिरफ्तार किया।
एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि जानकारी लेने पर गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों को आधार के मूल डाटाबेस में फर्जी तरीके से परिवर्तन कर फिंगर प्रिंट बनाकर देता था। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड में फर्जी तरीके से संशोधन करने के मामले में पुलिस पहले ही खुलासा कर आरोपी के कई साथियों को जेल भेज चुकी है। एएसपी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी से कंप्यूटर व टीएफटी समेत छोटा प्रिंटर, पोलीमान स्टांप, की बोर्ड व माउस, काला बैग, कैंची, पारदर्शी पन्नी का रोल, फिंगर प्रिंट उठाने वाला टेप रोल, प्लास्टिक ब्रुश, प्लास्टिक का पोलीमार डिब्बा, स्टांप साफ करने के लिए प्लास्टिक की छोटी बोतल, गमछा, मोबाइल चार्जर, टिफिन बॉक्स, पॉवर केबिल व दो अधबने अंगूठे क्लोन बरामद किए गए हैं।
सील बनाने वाली डिवाइस की मदद से कृत्रिम फिंगर प्रिंट तैयार करता था आरोपी मनोज
बहजोई। एएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों गांव टिकटा निवासी मुकेश समेत जिला बदायूं के गांव निजामपुर निवासी रौनक, नई दिल्ली के थाना तीमारपुर के गांव बजीराबाद निवासी कासिम, बदायूं के थाना उझानी के गांव अडौली निवासी आशीष, हरदोई के थाना सुरसा के गांव गुरेही निवासी प्रियांशु तिवारी व बदायूं के थाना उझानी के गांव बैनी नंगला निवासी धर्मेंद के साथ मिलकर कूट रचित दस्तावेज व टैंपर्ड सककैनिंग डिवाइसेज की मदद से आधार धारकों के विवरण में मनचाहा परिवर्तन कर देते थे। यह परिवर्तन करने में आधार ऑपरेटर के फिंगर प्रिंट की जरूरत होती थी। इसके लिए वह सील बनाने वाली डिवाइस की मदद से ऑपरेटर का कृत्रिम फिंगर प्रिंट बनाकर देता था। इन कृत्रिम फिंगर प्रिंट की मदद से मेरे साथी आधार ऑपरेटर की आईडी में लॉगिन कर मूल डाटाबेस में परिवर्तन करते थे। गलत तरीके से परिवर्तन कर मिलने वाली धनराशि में से उसके साथी उसे भी कुछ हिस्सा दे देते थे।