गुन्नौर के सेमला गुन्नौर गांव में सत्तर साल की कस्तूरी यादव अपने विकलांग बेटे शेर सिंह यादव के साथ घासफूस की बनी कच्ची झोपड़ी में गुजर बसर कर रही थीं। कोई जगह जमीन नहीं होने और बेटा विकलांग होने के कारण बमुश्किल जीवनयापन हो रहा था। घर में चारपाई भी नहीं है। गुरुवार को दोनों मां बेटे ने जमीन पर धान का पुआल बिछाकर जमीन पर एक पुराना कंबल बिछा लिया था।
एक पुरानी रजाई कस्तूरी देवी ओढ़े थी, एक कंबल उसका बेटा ओढ़े हुए थे लेकिन देर रात कस्तूरी देवी ठंड से कांपने लगीं। बेटा जागा, मां को कांपते देखकर उसने अपना कंबल भी उन्हें ओढ़ा दिया लेकिन कस्तूरी देवी का कांपना बंद नहीं हुआ। रात करीब एक बजे उनकी मौत हो गई। शेर सिंह ने बताया कि ठंड अधिक लगने से उसकी मां की मौत हो गई है। गांव में सरकारी आवास आए लेकिन उसने प्रार्थना पत्र भी दिया लेकिन उसे आवास नहीं मिल सका।
इधर तहसीलदार गुन्नौर राकेश सिंह ने बताया कि सेमला गुन्नौर में महिला की मौत ठंड से नहीं बल्कि तबीयत बिगड़ने से हुई है। लेखपाल ने रिपोर्ट दी है कि कई महीने से उसकी तबीयत खराब चल रही है।