गुन्नौर (संभल)। सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। अधिकांश यहां एक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट की तैनाती रहती है। एक्स-रे मशीन भी खराब है। अधिकांश घायलों को रेफर किया जाता है। महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से स्टाफ नर्स ही प्रसव कराती है।
गुन्नौर सीएचसी में छह डॉक्टर और तीन फार्मासिस्ट के पद हैं। लेकिन वर्तमान में सीएचसी में सिर्फ तीन डॉक्टर ही सीएससी में तैनात हैं। अधिकतर सीएचसी डॉ. अजहर अली व फार्मासिस्ट लक्ष्मी नारायण यादव के हवाले ही रहता है। बाकी डॉक्टर कभी-कभी आते हैं। जबकि अस्पताल पर सर्जन, दांतों व आंखों का कोई भी डॉक्टर नहीं है। जोकि स्वास्थ्य केंद्र पर इन डॉक्टरों का होना बहुत जरूरी है। महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। जिससे स्टाफ नर्स ही नॉर्मल प्रसव कराती है। गंभीर मामलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। हेल्थ एटीएम मशीन भी टेक्नीशियन को जानकारी न होने के कारण एक कमरे में बंद धूल फांक रही है। मैटरनिटी बिंग में लगी लिफ्ट की बंद पड़ी है। जिससे महिला मरीजों को एक से दूसरे फ्लोर पर जाने के लिए सीढि़यों का सहारा लेना पड़ता है।
पेयजल को भटकते हैं मरीज
सीएचसी में पेयजल व शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। मरीजों को जहां तहां भटकना पड़ता है। शौचालय न होने से महिलाओं को खास तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के दिनों में पेयजल व्यवस्था न होने से मरीजों को परेशानी होती है।
पैथोलॉजी लैब पर नहीं होती जांचें
सीएचसी में खून की जांच के लिए पैथोलॉजी लैब भी है। जहां संपूर्ण जांच भी नहीं होतीं। मलेरिया, टाइफाइड, शुगर व ब्लड ग्रुप ही चेक किया जाता है। अन्य जांच के लिए मरीजों को बाहर भेज दिया जाता है। हालांकि रैबीज के टीके लगाए जाते हैं।
गंभीर मामलों में ही मरीजों को रेफर किया जाता है। एक्सरे मशीन कुछ दिन से खराब चल रही है। जिसके लिए कहा गया है। इसके अलावा चिकित्सकों की कमी चल रही है। -डॉ. पंकज सिंह, चिकित्सा अधीक्षक