संभल। कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव करनपुर कायस्थ में बृहस्पतिवार की शाम इंजेक्शन लगाने से हुई तीन वर्षीय मोहित की मौत के मामले का शासन ने संज्ञान लिया। सीएमओ से तत्काल रिपोर्ट तलब की। इस पर सीएमओ ने त्वरित कार्रवाई कराते हुए अवैध क्लीनिक को सील कराया। संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहते हुए शासन को रिपोर्ट सौंपी। शासन की त्वरित कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया।
गांव करनपुर कायस्थ निवासी संजय यादव के बेटे इकलौते बेटे मोहित की बृहस्पतिवार की शाम को तबीयत खराब हो गई थी। उसे सौंधन ले गए थे। मोहित के दादा राजपाल यादव ने बताया कि डॉक्टर ने बिना जांच पड़ताल किए उसके दो इंजेक्शन लगा दिए थे, जिससे हालत खराब हो गई। बाद में मौत हो गई। बाद में परिजनों ने हंगामा किया।
शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने सीएमओ को अवैध क्लीनिक के संबंध में तत्काल आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीएमओ ने रिपोर्ट में बताया कि निरीक्षण के दौरान क्लीनिक बंद पाया गया। आस-पास के लोगों ने बताया कि क्लीनिक संचालक अनिकेत द्वारा बिना किसी बोर्ड या वैध अनुमति के क्लीनिक संचालित किया जाता था। इसी क्लीनिक में इंजेक्शन लगाने के दौरान बच्चे की मौत हो गई। घटना की रात्रि से क्लीनिक संचालक फरार है। मकान मालिक की उपस्थिति में क्लीनिक की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की गई है। क्लीनिक को सील करके न्यायालय में परिवाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू की है।
अपर मुख्य सचिव ने प्रदेश के समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में अभियान चलाकर ऐसे अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भविष्य में किसी भी जनपद में अनधिकृत रूप से संचालित क्लीनिक की शिकायत मिलने पर संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों का दायित्व निर्धारण कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।