मदरसों के सर्वे करने की प्रक्रिया को लेकर बयानबाजी लगातार की जा रही है। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने बयान दिया कि सरकारी जमीनों में बने मदरसों को तोड़ देना चाहिए। इस बयान से संभल के सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क सहमत नहीं हैं।
उनका कहना है कि मदरसों को तोड़ा नहीं जाए, बल्कि सरकार इन मदरसों को चलाए। जिन मदरसों की मान्यता नहीं है। उनको सरकार मान्यता दे और हर संभव मदद करे। जिससे मुस्लिम बच्चों की शिक्षा पर कोई असर न पड़े। सांसद ने कहा कि मदरसों को तोड़ना हल नहीं है। जब सरकार सर्वे करा रही है तो संचालन भी कराए। जिससे मदरसा संचालकों को भी राहत मिल सके।
मालूम हो शासन की ओर से मदरसों का सर्वे कराया जा रहा है। 11 बिंदुओं के आधार पर हो रहे सर्वे में मुख्य बिंदु आर्थिक स्थिति का है। सर्वे में पता लगाया जा रहा है कि मदरसों के संचालन के लिए आर्थिक मदद कहां से हो रही है।