संभल। जिले के कई कार्यालय जर्जर भवनों से ही संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यालयों में हादसों का डर लगा रहता है। जिम्मेदार न तो इन भवनों की मरम्मत करा रहे हैं और न ही नया भवन मुहैया कराया जा रहा है। हालत ये है कि पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में तो बारिश में पानी टपकता है।
संभल जनपद के पवांसा ब्लॉक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना निदेशक डूडा शहरी क्षेत्र, सहकारिता, पशुपालन समेत कई कार्यालय जर्जर भवन से संचालित हो रहे हैं। कुछ की मरम्मत हो गई है तो कुछ अभी ऐसे ही हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का कक्ष तो बारिश में टपकता है। इससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, संभल में जिला होमगार्ड्स कमाडेंट, नगर शिक्षा अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी व गृहकर जलकर का कार्यालय नगर पालिका के भवन में चल रहा है। यह भवन कुछ मरम्मत के चलते थोड़ा सा ठीक है लेकिन इसकी जर्जर हालत छिप नहीं रही है। दूर से दिखने में खंडहर लगता है। जिस कारण कर्मचारियों अपनी जान को मुसीबत में डालकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा रोडवेज बस अड्डा किराए के भवन में चल रहा है। यह भवन जर्जर और अब जीर्ण-शीर्ण होने लगा है। परिसर में गड्ढे हो गए हैं, बारिश में ये पानी से भर जाते हैं। जिसके चलते न सिर्फ चालक-परिचालकों को दिक्कत होती है, बल्कि यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर पालिका में बने कार्यालयों की मरम्मत की जिम्मेदारी नगर पालिका की है और जो किराए के भवनों में कार्यालय हैं और जर्जर हो चुके हैं तो वह दूसरे किराए के भवन में कार्यालय चला सकते हैं। जर्जर भवनों में चल रहे कार्यालयों के अधिकारियों से जानकारी करते हैं। समाधान कराया जाएगा।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी, संभल