बहजोई। लोकसभा चुनाव के लिए सरकारी अस्पतालों में लगी गाडि़यों को लगाया गया है। इससे आरबीएसके के तहत परिषदीय व कस्तूरबा विद्यालयों के विद्यार्थियों का नियमित हेल्थ चेकअप फंसा हुआ है। जिले में 10 सामुदायिक व संयुक्त स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत परिषदीय व कस्तूरबा गांव आवासीय बालिका विद्यालयों में नियमित हेल्थ चेकअप को स्वास्थ्य टीम के जाने के लिए प्रत्येक सीएचसी में दो गाड़ियां लगी हुई हैं। प्रत्येक गाड़ी में एक चिकित्सक समेत एक दंत परीक्षण अधिकारी व एक नेत्र परीक्षण अधिकारी की टीम छात्र-छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विद्यालयों में जाती हैं। अब खास बात यह है कि बीते करीब सप्ताह भर से जिले में आरबीएसके में लगी यह गाडियां लोकसभा चुनाव के लिए ले ली गई हैं। इसके चलते स्वास्थ्य टीम विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नहीं पहुंच पा रही है। आरबीएसके में तैनात चिकित्सक समेत दंत परीक्षण अधिकारी व नेत्र परीक्षण अधिकारियों को विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बजाय सरकारी अस्पतालों में बैठकर मरीज देखने पड़ रहे हैं। यह हाल तब है जबकि शासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से अप्रैल माह में संचारी रोग से बचाव के लिए तरह-तरह की गाइड लाइन व उपाय किए जा रहे हैं। बावजूद इसके सरकारी अस्पतालों में लगीं आरबीएसके की इन गाड़ियों को लोकसभा चुनाव में लगाए जाने से बच्चो को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं दूसरी ओर तपती गर्मी के चलते बच्चे व बड़े उल्टी व दस्त आदि समेत दूसरी बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारी इस ओर ध्यान दें, तो परीषदीय व कस्तूरबा विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को गर्मी व लू आदि के इस मौसम नियमित स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ मिल सकता है।
आरबीएसके के तहत सरकारी अस्पतालों में लगीं गाड़ियां लोकसभा चुनाव के लिए गई हुई हैं। इससे टीम स्कूलों में बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नहीं जा पा रही है। गाड़ियां वापस मिलने पर टीम स्कूलों में नियमित पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी।-डॉ. पंकज विश्नोई, एसीएमओ व नोडल अधिकारी, आरबीएसके, जिला संभल