संभल। गुड फ्राइडे पर प्रभु यीशु मसीह को याद किया गया। पादरी केपी सिंह ने कहा कि यीशु मसीह जरूरतमंदों और बीमारों को मदद के लिए समर्पित रहे।
कोटपूर्वी स्थित चर्च में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। पादरी केपी सिंह ने कहा कि यीशु मसीह को सूली पर लटका दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया कि अंधविश्वास और झूठ फैलाने वाले धर्मगुरुओं को यीशु मसीह की बढ़ती लोकप्रियता से परेशानी होने लगी थी। यीशु के विचार लोगों को प्रभावित कर रहे थे। यह देखकर कुछ स्वार्थी लोगों ने बादशाह को भड़काना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाने का आदेश दिया गया। प्रभु यीशु ने संपूर्ण जीवन लोगों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यानी रविवार को प्रभु यीशु फिर से जीवित हो गए थे और 40 दिन तक लोगों के बीच उपदेश देते रहे। प्रभु यीशु के दोबारा जीवित होने की घटना को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर महबूब मसीह, नवीन मसीह, प्रकाश मसीह, रविंदर, मलय, राजीव, पतरस, विनोद मसीह, शोभना सैमुअल, एंपजु मसीह, फरहा मसीह, शिल्पी, अमृता आदि लोग मौजूद रहे।