चंदौसी। न्यायालय ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने व मारपीट के मुकदमे में आरोपी व उसकी पत्नी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया है। साथ ही वादी मुकदमा के खिलाफ मिथ्या साक्ष्य देने के कारण कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
आरोपी के अधिवक्ता कमल सिंह ने बताया कि थाना रजपुरा के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमें बताया कि 29 जून 2020 को जब शिकायतकर्ता अपने घर से पशुओं को चारा खिलाने जा रहा था। तो रास्ते में गांव के ही एक व्यक्ति ने पीड़ित का रास्ता रोक लिया और उधार के रुपये मांगे। पीड़ित ने कहा कि उसके पास 400 रुपये है। इतना सुनकर आरोपी आगबबूला हो गया और उसे जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने लगा।
साथ ही आरोपी व उसकी पत्नी ने पीड़ित के साथ मारपीट की। जिसमें वह घायल हो गया। इस मामले की रिपोर्ट थाना रजपुरा में दर्ज हुई और आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट चंदौसी रागिनी के न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को दोषमुक्त किया।