चंदौसी (संभल)। जिले के उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों व कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा योजना के तहत दक्ष बनाया जाएगा। ताकि छात्राएं विपरीत परिस्थितियों में अपनी रक्षा स्वयं कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान जूडो, ताइक्वांडो, कराटे के साथ-साथ व्यावहारिक विधियां सिखाई जाएंगी। योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में माह के 24 दिन 40-40 मिनट का प्रशिक्षण छात्राओं को दिया जाएगा।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1289 करीब प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय हैं। इसके अलावा जिले में आठ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हैं। अब उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि छात्राएं शोहदों व असामाजिक तत्वों से अपनी रक्षा करने के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से सक्षम बन सकें। इसके लिए विभाग की तरफ से बजट भी जारी कर दिया गया है। व्यायाम शिक्षक और प्रशिक्षित अनुदेशक माह के 24 दिन बालिकाओं को जूडो, ताइक्वांडो, कराटे, मार्शल आर्ट तकनीकों के साथ-साथ छात्राओं को व्यावहारिक विधियां कराएंगे। इसके लिए उन्हें करीब तीन हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
बीएसए अलका शर्मा ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा योजना से बालिकाएं सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगी। जल्द ही स्कूलों में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाएगा।