संभल। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों से उत्तीर्ण छात्राओं को आगे की शिक्षा के लिए मुहैया कराने के लिए अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) का सहारा लिया जाएगा। छात्राएं ओपन स्कूल से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर सकेंगी। अपर राज्य परियोजना निदेशक ने इसके लिए बीएसए को आदेश जारी किया है।
जिले में वर्तमान में दस कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100 छात्राओं के हिसाब से कुल 1000 छात्राओं के अध्ययन की व्यवस्था होती है। यहां पर कक्षा 8 तक की कक्षाएं लगती हैं। फिलहाल इन विद्यालयों में करीब 900 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनकी आगे की पढ़ाई भली भांति रूप से चलती रहे, इसके लिए शासन के साथ विभाग द्वारा भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर अपर राज्य परियोजना निदेशक मधुसूदन हुल्गी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर आदेश जारी किया है।
पत्र के अनुसार, केजीबीवी की छात्राओं को माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एनआईओएस के साथ जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए को निर्देशित किया गया है कि कि वह सभी केजीबीवी विद्यालयों में एनआईओएस के शैक्षणिक सामुदायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी छात्राओं को प्रदान करने के सभी संस्था प्रतिनिधियों को निर्देशित करें, ताकि छात्राएं यदि अपने आसपास किसी इंटर कॉलेज के न होने पर पढ़ाई से वंचित न रहें। योजना का उद्देश्य बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।
यह है एनआईओएस
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) एक ऐसा बोर्ड है। जिसके माध्यम से विद्यार्थी पूरी तरह निजी मोड में अपनी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। एनआईओएस के माध्यम से छात्र अपनी शिक्षा पूरी कर आगे की पढ़ाई जारी कर सकते हैं। यही नहीं, अपना कैरियर भी बना सकते हैं। यह बोर्ड मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है।