त्योहार पर इकलौती बेटी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। युवती के पिता ने बताया कि पांच बेटे और इकलौती बेटी थी। गुरुवार को वह खेत पर चारा लेने के लिए गए थे। साथ में पत्नी और दो बेटे भी थे। घर पर छोटे बेटे विनोद, आकाश और नन्ने थे। बेटी बरामदे में सो रही थी। मकान का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। दो वर्ष से अधूरा पड़ा है। किसी तरह बरामदे का बीम गिर गया और इसमें बेटी की दबकर मौत हो गई। मां कलानिया का रोरो कर बुरा हाल हो गया। वह अपनी इकलौती बेटी को याद कर बेसुध हो गईं।
सुबह बांधी भाइयों के हाथ में राखी, शाम को बहन की मौत से बेसुध हो गए भाई
अपने पांच भाइयों की इकलौती बहन ने गुरुवार की सुबह राखी बांधी थी। परिवार में दोपहर तक बेहद खुशनुमा माहौल था। दोपहर बाद मां, पिता और दो भाई खेत पर पशुओं का चारा लेने के लिए चले गए। हादसा हुआ तो बहन की मौत हो गई। शव देखकर भाइयों का रोरो कर बुरा हाल हो गया। पीड़ित पिता ने बताया कि परिवार में सभी की लाडली थी। अब शादी की तैयारी थी। रिश्ता भी तलाश किया जा रहा था।