जुनावई। गंगा नदी का जलस्तर घटने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। सोमवार को बझांगी गांव के खेतों और खलिहानों में बाढ़ का पानी पांच से छह इंच कम हुआ। हालांकि, संपर्क मार्गों पर अभी भी जलभराव बना हुआ है, जिससे आवागमन बाधित है।
अतर सिंह ने बताया कि पानी घटने से राहत मिली है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि लगातार कमी से जल्द ही खेतों और गांव से पानी निकल जाएगा। उदिया नगला गांव के रहने वाले महानंद, पप्पू , रामपाल सहित ने बताया कि बझांगी के रास्ते पर एक से तीन फीट पानी है। इससे आवागमन बाधित है और ग्रामीणों को बाहर आने-जाने में परेशानी हो रही है। बाढ़ के कारण छोटे बच्चे प्राथमिक विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं। अभिभावकों ने सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को घरों पर ही रोक रखा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से संपर्क मार्गों को ठीक करने और बच्चों की सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की। एसडीएम अवधेश कुमार ने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए इंतजाम हैं और टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
स्वास्थ्य शिविर में 163 मरीजों का उपचार
सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुनावई की टीम ने बझांगी गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया, जिसमें 163 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें 65 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं और 40 बुखार से पीड़ित थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी विरास यादव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं, साथ ही ग्रामीणों को साफ-सफाई और दूषित पानी से बचने की सलाह दी।