संभल। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का कार्य ही बचा है। अंडरपास से लेकर टोल तक कार्य तेजी से पूरा कराया गया। 11 अक्तूबर तक गंगा एक्सप्रेसवे कार्यदायी संस्था यूपीडा को हैंडओवर किया जाना था लेकिन बदायूं से आगे कार्य कर रही संस्था का कार्य पिछड़ा हुआ है। इसलिए अवधि बढ़ाई जानी है। अब मार्च-अप्रैल तक यह अवधि बढ़ सकती है। यूपीडा के एक्सईएन राकेश कुमार मोगा का कहना है कि संभल जिले में तो कार्य लगभग पूरा हो चुका है लेकिन प्रयागराज के आसपास का कार्य चल रहा है। इसलिए अवधि बढ़नी तय है। मार्च-अप्रैल तक ही कार्य पूरा होगा और इसके बाद ही वाहन दौड़ सकेंगे।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले इस 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस का 38 किलोमीटर कर हिस्सा संभल जिले से होकर गुजर रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर दो जंक्शन बनाए गए हैं। इसमें एक जंक्शन खिरनी और दूसरा लहरावन में है। इन जंक्शन से ही वाहनों का प्रवेश और निकासी होगी। इन्हीं जंक्शन पर टोल वसूल किया जाएगा। संभल तहसील क्षेत्र के गांव ततारपुर संदल से गंगा एक्सप्रेसवे प्रवेश कर रहा है। चंदौसी तहसील के गांव नगलिया कठेर से बदायूं जिले को जोड़ रहा है। इसमें संभल तहसील के 17 गांव और चंदौसी तहसील के 14 गांव शामिल हैं।
एक्सईएन ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे तीन ग्रुप बना रहे हैं। पहला ग्रुप मेरठ से बदायूं तक कार्य करा रहा है। उसके आगे दो अन्य ग्रुप कार्य करा रहे हैं। तीसरे ग्रुप का कार्य चल रहा है। इसलिए अवधि बढ़नी तय है।
0000000000
लाइट से जगमग करने के साथ संकेतक भी लगाए जा रहे
जिले से होकर गुजर रहे 38 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह लाइट लगाई जा रही है। साथ ही संकेतक आदि लगाए जा रहे हैं। टोल का निर्माण भी अंतिम चरण में चल रहा है। बारिश के दौरान जहां मिट्टी बह गई थी। वहां मरम्मत की गई है। अक्तूबर तक हैंडओवर करने की तैयारी थी लेकिन तब संभल जिले में ही अंडरपास पर कार्य चल रहा था। यह वह अंडरपास हैं जो बाद में स्वीकृत किए गए थे। हालांकि अब इनका कार्य हो चुका है।
000000000000
औद्योगिक गलियारे के नजदीक बना है जंक्शन
गंगा एक्सप्रेसवे का एक जंक्शन खिरनी में है। इस जंक्शन के नजदीक ही औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना है। औद्योगिक गलियारे भी यूपीडा के द्वारा ही विकसित किया जा रहा है। इसमें प्लॉट आवंटन प्रक्रिया भी चल रही है। जब औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो जाएंगी तो प्रयागराज और दिल्ली का रास्ता कम समय में ज्यादा तय हो सकेगा। इसका लाभ कारोबारियों को मिलेगा।
0000000000000
संभल जिले में तो निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। फिनिशिंग का कार्य ही बाकी है। अब अवधि बढ़ने की पूरी संभावना है क्योंकि कुछ कार्य एक ग्रुप का चल रहा है। उसके पूरा होने के बाद ही वाहन दौड़ सकेंगे। मार्च-अप्रैल तक गंगा एक्सप्रेसवे शुरू हो जाएगा।
-राकेश कुमार मोगा, अधिशासी अभियंता, यूपीडा