जुनावई/गुन्नौर। गंगा में भयानक बाढ़ आ गई है। पिछले 13 साल में दूसरी बार खतरे के निशान से सबसे ऊपर बह रही है। बृहस्पतिवार को गंगा में 3.11 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया तथा खतरे के निशान से 64 सेंटीमीटर ऊपर रिकॉर्ड की गई। गंगा के रौद्र और पानी का बहाव तेज होने से तटबंध को भी खतरा है। लेखपाल व अन्य अधिकारी लगातार उसकी निगरानी में लगे हैं और मरम्मत करा रहे हैं।
शनिवार से लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे नरौरा बैराज गंगा में ऊपर 326739 क्यूसेक व नीचे 311739 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। जिसका जलस्तर ऊपर 179.53 मीटर व नीचे 179.40 मीटर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 64 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे पहले वर्ष 2010 में गंगा में भयानक बाढ़ आई थी। जिले में गवां से लेकर राजघाट, गुन्नौर, जुनावई तक तटबंध के किनारे अंदर की ओर से करीब आठ फीट तक पानी भरा हुआ है।
तटबंध के अंदर की सभी फसल जलमग्न हो गई। बाढ़ का पानी अभी ओर भी बढ़ने का अनुमान हैं। ऐसे में तटबंध के टूटने का भी खतरा है। प्रशासन ने लेखपाल की ड्यूटी लगा रखी है। लगातार तटबंध की निगरानी की जा रही है। जहां भी आवश्यकता है, वहां पर मिट्टी डाल कर तटबंध को सही कराया जा रहा है। तहसील प्रशासन पूरी तरह से बाढ़ सम्भावित क्षेत्र में नजर बनाये हुए है।गंगावास के पास व अन्य कई स्थानों पर प्रशासन ने बुधवार को तटबंध पर मिट्टी डलवा दी थी।