धनारी/चंदौसी। दो विधवाओं ने जब गांव के ही एक बिचौलिये पर जिलाधिकारी के नाम पर 2.30 लाख रुपये की रकम वसूलने का आरोप लगाया तो जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान के आदेश पर धनारी थाना पुलिस ने बायभूड़ गांव में छापा मार दिया। आरोपी गिरफ्तार हो गया लेकिन यहां जो अभिलेख बरामद हुए उससे सरकारी योजनाओं पर किए जा रहे एक बड़े फर्जीबाड़े का खुलासा हो गया। विभिन्न बैंक, विभागों के अफसरों की फर्जी मोहरें, सैकड़ों बैंक पास बुकें, वोटर आईडी कार्ड, पेन कार्ड, राशन कार्ड, चेक, योजनाओं के आवेदन फार्म आदि बरामद किए हैं।
धनारी थाना क्षेत्र के बायभूड़ गांव निवासी मगिया देवी पत्नी स्वर्गीय राम सिंह व बगडैर गांव की धनपति पत्नी स्वर्गीय जयपाल गुरुवार को जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान के पास शिकायत लेकर पहुंची। दोनों की पति की मौत के बाद कृष बीमा दुर्घटना योजना से मिले पांच पांच लाख रुपये में बगिया देवी से 1.30 लाख व धनपति से एक लाख रुपये जिलाधिकारी को देने के नाम पर वसूलने का आरोप गांव के ही अनेकपाल पुत्र रामप्रसाद पर लगाया। जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष धनारी रूम सिंह बघेल को आदेशित किया। पुलिस ने बायभूड़ में छापेमारी की।
अनेकपाल को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपने घर में एक बड़ा कार्यालय खोल रखा था। जहां से पुलिस को छह मोहरे, एक पैड, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की 49 पास बुक, पंजाब नेशनल बैंक की 23. भारतीय स्टेट बैंक की 15, किसान ग्रामीण बैंक की पांच, सेंट्रल बैंक की सात, जिला सहकारी बैंक की एक पास बुक, 37 वोटर आईडी कार्ड, 20 राशन कार्ड, दो पेन कार्ड, दो एसबीआई के ब्लैंक चेक, विभिन्न योजनाओं के मोहर लगे नौ आवेदन, 55 मृत्यु प्रमाण पत्र, 45 लोगों के फोटो, पीएम सुरक्षा बीमा योजना के छह आवेदन, अल्पसंख्यक विभाग के छह, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के 52, राशन कार्ड बनाने के 21, विकलांग कल्याण के आठ, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के 25 फार्म, सात बैंक चालान बरामद किए हैं।
थानाध्यक्ष रूम सिंह बघेल ने बताया कि आरोपी अनेकपाल के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत आदि विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
धनारी थाना क्षेत्र के बायभूड़ गांव में बड़ी जालसाजी का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया। जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान ने कई शाखा प्रबंधकों, कई सरकारी महकमों के अफसरों, कर्मचारियों की भी इसमें लिप्तता का शक जाहिर करते हुए विशेष जांच के आदेश दिए हैं।
धनारी थाने के बायभूड़ गांव में अनेकपाल की गिरफ्तारी और उसके पास से फर्जी अभिलेख तैयार करने की सामग्री मिली है, उसे देखकर सहज की अंदाजा लगाया जा सकता है कि कई सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारी व बैंक शाखाओं के प्रबंधकों, कर्मियों की साठगाठ हो सकती है। क्योंकि अनेक पाल लाभार्थी योजनाओं के आवेदनों को भरकर खुद ही फर्जी मोहर व हस्ताक्षरों से सत्यापित कर देता था।
कई बैंक शाखाओं के ग्राहकों की पासबुकें, वोटरआईडी आदि भी योजनागत बड़े खेल का इशारा कर रही हैं। जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान ने मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों व बैंक शाकाओं की भूमिका की विशेष जांच करने के आदेश जारी किए हैं।