संभल। जिले के गांव मऊ भूड़ में स्वच्छ भारत मिशन में फर्जीवाड़ा किया गया। चार ऐसे लोग सामने आए हैं जिनके नाम पर शौचालय निर्माण की धनराशि निकाली गई है पर शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। इन लोगों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन में अगर जांच हो जाए तो इस तरह के 50 से अधिक मामले सामने आ सकते हैं।
वर्ष 2018 में फर्जीवाड़ा किया गया। तत्कालीन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर आरोप हैं लेकिन शपथ पत्र देने के एक महीने बाद भी जांच नहीं हो सकी। पवांसा विकास खंड के मऊ भूड़ निवासी वेदप्रकाश के पुत्र हरीचंद्र का आरोप है कि उनके नाम पर तत्कालीन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने 12 हजार रुपये निकाल लिए और शौचालय का निर्माण नहीं कराया। कलबे अली की पत्नी नाजमा का कहना है कि उसके नाम पर शौचालय की धनराशि सरकार ने आवंटित की पर बीच वाले कर्मचारी हड़प गए।
नजाकत पुत्र रियासत का कहना है कि 2018 में उनके लिए स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय मंजूर कराया गया पर न रुपये मिले और न ही शौचालय बनवाया गया। इसी गांव के मुंशी खां के पुत्र जाविद का कहना है कि स्वच्छ शौचालय की योजना में नियमों का उल्लंघन कर धनराशि हड़पी गई है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं ही रही है। पहली शिकायत 6 अप्रैल को जिलाधिकारी से गई। जनसुनवाई पोर्टल पर 7 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नाम ऑनलाइन शिकायत की गई। तीसरी शिकायत उपजिलाधिकारी से 10 अप्रैल को की।