चंदौसी(संभल)। न्यायालय ने चंदौसी कोतवाली के वर्ष 2018 में हुए 12 साल की बालिका से छेड़छाड़ के मामले में एक दोषी को चार वर्ष के कारावास ओर 5500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य सिंह ने बताया कि वादी द्वारा एक तहरीर कोतवाली चंदौसी के प्रभारी निरीक्षक को दी गई थी। इसमें बताया कि 17 नवंबर 2018 को वह बाहर गए थे। उनकी 12 वर्षीय पुत्री सुबह 6.30 बजे मंदिर की सफाई कर रही थी। पुत्री को मंदिर में अकेला पाकर आरोपी प्रताप मंदिर में आ धमका और उसकी पुत्री से छेड़खानी करने लगा। किसी तरह पुत्री उसके चंगुल से छूट कर घर आ गई। पुत्री ने घर आकर अपनी मां को आपबीती बताई। रात 11.30 बजे जब वह घर आए तो पत्नी व पुत्री ने उसे सारी बात बताई। पुलिस ने प्रताप के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने प्रताप को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कारावास और 5500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी।