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कोहरा और पाला बन सकता है आलू व सरसों की फसल के लिए परेशानी, गेंहू को नहीं कोई हानि

Mon, 21 Dec 2020 12:17 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, संभल
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सरसों के खेत - फोटो : अमर उजाला
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पिछले दस दिनों में कोहरा और पाला काफी पड़ रहा है। इससे आलू की फसल पर प्रभाव पड़ेगा। किसानों को चिंता सताने लगी है। सरसों की फसल भी इस कोहरे और पाले की चपेट में आ सकती है। कृषि विभाग ने बचाव के तरीके बताए हैं। जिससे फसल को नुकसान से बचाया जा सके। गेहूं की फसल को इस कोहरे से लाभ होगा।

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कृषि विज्ञानिक डा. अरविंद कुमार ने बताया कि अगर एक हफ्ते तक घना कोहरा और पाला पड़ता रहा तो आलू की फसल पर झुलसा रोग हो जाता है। इस रोग में आलू के पौधे की पत्ती पर धब्बे आ जाते हैं। इससे फसल को नुकसान होता है। इस रोग से बचाने के लिए किसानों को मैंकेजिप दवा का स्प्रे करना चाहिए। यह दवा एक लीटर पानी में 2 ग्राम मिलाकर छिड़काव करना है। इससे फसल को नुकसान होने से बच जाएगा।

सरसों की फसल पर भी कोहरे और पाले का पड़ता है असर
घने कोहरे और पाले के दौरान आलू की फसल के अलावा सरसों की फसल को भी नुकसान होता है। जबकि गेहूं पर इसका कोई असर नहीं होता। सरसों की फसल का फूल इस कोहरे और पाले में नष्ट हो जाता है। कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि कोहरे और पाले से सरसों की फसल बचाने के लिए खेत के पास धुआं करना चाहिए। इससे ठंड का असर कम होता है और फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है। ठंड का असर सरसों की फसल पर कम होता है। बताया कि इस कोहरे और पाले से गेहूं की फसल को लाभ होता है। इस मौसम में गेहूं की फसल को नमी मिलती है।

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