जुनावई के गांव बझांकी में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : जुनावई
जुनावई (संभल)। लगातार बारिश से उफनाई गंगा की वजह से जुनावई क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता, बझांकी, तोतापुर समेत कई गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। घरों तक पानी पहुंचने की वजह से कई परिवार के लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। वहीं एसडीम वंदना मिश्रा ने भी क्षेत्र का मौका मुआयना कर संबंंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा उफान पर चल रही है। इसी के चलते गंगा ने विराट रूप धारण कर तटीय गांवों की तरफ रुख कर लिया है। जिसके चलते बाढ़ का पानी बझांगी गांव के गलियारों में घुसने के साथ ही गांव को चारों तरफ से घेर लिया है। जबकि बाढ़ का पानी पंचायतघर के चारों तरफ पहुंचने के साथ ही प्रधान रामश्री, मुकेश कुमार के घर दरवाजे से जाकर टकराने लगा है। वहीं गांव में निचले स्थानों पर रहने वाले उदयवीर, ओमवीर, मदनलाल, ओमपाल सहित आदि के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके चलते यह परिवार सुरक्षित स्थानों पर गांव में ही रह रहे हैं। वहीं बझांगी गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी होने से मक्का और बाजरा की फसलें जलमग्न हो गई हैं। इसी के साथ ही बाढ़ के पानी ने गांव रघुपुर पुख्ता और उदिय नगला को चारों तरफ से घेर लिया है। जिससे यहां भी फसलें पानी में डूब गई हैं।
जबकि चिरवारा के नजदीक बांध से बाढ़ का पानी टकराने के कारण बांध के अंदर बसे गांव मेंगरा एवं सालिंग की मड़इयां, भावरू की मड़इयां नरुपुरा सहित गांव को बाढ़ के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है। जिसके चलते फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं।
-
बाढ़ का पानी गांव में घुसने से बीमार हो रही लोग, नहीं पहुंची टीम
जुनावई। बाढ़ का पानी आस पास पहुंचने के चलते गांव में पशु और ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। वहीं पशुओं का उपचार करने को अभी कोई भी बैटनरी चिकित्सक नहीं पहुंचा है। जबकि बाढ़ के चलते बीमार जनता उपचार कराने हेतु अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रही है। जबकि गांव के रहने वाले सत्यवीर, ओमकार, देवेंद्र, धर्मेंद्र सहित आदि ने बताया दो दिन पहले अस्पताल की टीम गांव की जनता का उपचार करने आई लेकिन दस मिनट रुक कर फोटो खींचने के बाद ही टीम वापस लौट गई। जबकि जनता उपचार कराने पहुंची तो मायूस होकर वापस लौट आई थी। एसडीएम वंदना मिश्रा ने बताया कि जनता की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग टीम को बझांगी सहित बाढ़ इलाके में उपचार करने के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए चिकित्सक को आदेश कर दिया गया है।