चंदौसी (संभल)। सहकारी समितियों पर खाद न होने की वजह से किसानों को लौटाया जा रहा है। जिससे गेहूं की बुआई को लेकर किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि डीएपी न मिलने की वजह से गेहूं की बुआई पिछड़ रही है। जबकि प्रशासन जनपद में पर्याप्त खाद होने का दावा कर रहा है।
जिले में रबी का सीजन शुरू होते ही डीएपी और एनपीके खाद की किल्लत शुरू हो गई। जैसे तैसे आलू की बुआई पूरी हुई। अब गेहूं की फसल की बुआई के लिए किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। किसान समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। सुबह से ही सहकारी साधन समितियों पर किसानों की भीड़ उमड़ने लगती है। सब काम छोड़कर किसान खाद के लिए लाइन में लग रहे हैं। आलम यह है कि सुबह पांच बजे भी किसान समितियों पर पहुंच रहे है। लाइन में लगने और टोनक मिलने के बावजूद उनको खाद नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि अगर समय से गेहूं की बुआई नहीं हुई तो उनको नुकसान होगा। बुधवार को चंदौसी इफ्को किसान केंद्र पर खाद लेने शाम तक किसानों की भीड़ रही। यहां मौजूद गांव असालतपुर जारई के किसान राकेश ने बताया कि पांच बीघा गेहूं की फसल बुआई करनी है, लेकिन लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिला। कैथल के किसान संजीव ने बताया कि खाद के लिए कई दिन से चक्कर काट रहा हूं। इसके बाद भी पर्याप्त खाद नहीं मिला। वहीं गुन्नाैर और जुनावई क्षेत्र में सबसे ज्यादा समस्या बनी हुई है। समितियों पर सीमित खाद पहुंच रहा है। ऐसे में बहुत से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
वर्जन
डीएपी के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जल्द ही डीएपी की रैक लगने की उम्मीद है। किसान थोड़ा संयम बरते, खाद की किल्लत नहीं होनी दी जाएगी।
वीरेश प्रकाश उपाध्याय, एआर कोऑपरेटिव