सपा व्यापार सभा के जिला सचिव नवरत्न वार्ष्णेय ने गुरुवार को सरायतरीन की बाजार में समाजवादी पार्टी की प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए प्रचार सामग्री और थैलों का वितरण किया था। सपा सरकार की उपलब्धियों का प्रचार करते समय उनके कुछ फोटोग्राफ खींचे और इन फोटोग्राफ को उनके ही परिवार के एक सदस्य ने फेसबुक पर अपलोड कर दिया। इसके बाद सरायतरीन के कुछ भाजपा समर्थक युवाओं ने इस पर अभद्र भाषा में कमेंट कर दिए।
कमेंट होने के बाद सपा नेता नवरत्न वार्ष्णेय और उनके समर्थकों को खराब लगा। नवरत्न का कहना है कि सपा के नेताओं और सरकार पर अभद्र टिप्पणी की गई थी। इसी मुद्दे पर शिकायत की गई तो टकराव की नौबत बन गई। शुक्रवार को सुबह दस बजे के करीब आमना सामना होने पर पहले कहासुनी हुई और झगड़ा होने लगा। जिसकी खबर तत्काल सरायतरीन पुलिस चौकी को दी गई। सरायतरीन पुलिस चौकी के सिपाही मौके पर आए और इसके बाद दोनों पक्षों को लेकर पुलिस चौकी पर पहुंचे। जहां कुछ लोगों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
बबराला में रेलवे के सिग्नल पोल से बांधकर पुतले में लगाई आग
अभी प्रदेश में आचार संहिता भी नहीं लगी और न ही भाजपा की सरकार आई है। लेकिन अभी से भाजपा के सिर नशा चढ़ता दिख रहा है। बबराला में रेलवे के सिग्नल पोल से बांधकर पुतला फूंकने की घटना को इसी ओर इशारा करती है। खास बात ये है कि यह पूरा घटनाक्रम आधा घंटे तक चला और रेलवे स्टाफ खुद को इससे अनजान बता रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता व स्वयं को गुन्नौर विधानसभा का संवाभित प्रत्याशी कहने वाले प्रवीण कुमार शर्मा के नेतृत्व में बबराला में सपा की साइकिल की शव यात्रा निकाली गई। इंदिरा चौक से स्टेशन मार्ग होती हुई विरोध यात्रा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची। यहां ट्रैक पर रेलवे के एक सिग्नल पोल से उसे बांधा गया और आग के हवाले कर दिया। सिग्नल के ठीक नीचे साइकिल में आग जलती रही लेकिन वहां न तो राजकीय रेलवे पुलिस पहुंची और न ही स्टेशन मास्टर को इसकी भनक लगी। यदि आग जरा सी तेज हो जाती तो सग्निल पोल फुंक सकता था। हालांकि पुतला दहन करने वाले लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन से इस बात की अनुमति ले ली गई थी।