सड़क पर दूध व सब्जी बिखेर कर आंदोलन करते किसान।
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राष्ट्रीय किसान महासंघ के आह्वान पर देशभर में चलाए जा रहे गांव बंद आंदोलन के तहत शनिवार को महासंघ के संयोजक एवं भाकियू (अअ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह की अगुवाई में आंदोलन किया। फरीदपुर, किरारी, चिड़ियाभवन आदि कई गांवों में किसानों ने दूध व सब्जियों को सड़क पर फेंककर आक्रोश जताया। शहरों में सप्लाई नहीं हो पाने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
राष्ट्रीय किसान महासंघ के आह्वान पर देशभर में एक से दस जून तक गांव बंद अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत भाकियू (अअ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के आह्वान पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत किसानों ने शनिवार को अमियापुर, चिड़िया भवन, किरारी आदि कई गांवों में दूध को सड़कों पर बहाया। सब्जियां भी सड़कों पर फेंकीं। किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में अनाज को शहरी क्षेत्रों को नहीं जाने दिया।
मंडल प्रभारी ब्रजपाल सिंह ने इस मौके पर कहा कि सरकार ने किसानों का पूरा कर्ज माफ करने का वादा किया था, लेकिन भाजपा सरकार आज सिर्फ बड़े-बड़े उद्योगपतियों के ही ऋण माफ किए जा रहे हैं। युवा शाखा के मंडलाध्यक्ष ऋषभ चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है।
बकाया गन्ना भुगतान भाजपा सरकार के कार्यकाल में सर्वाधिक हो गया हैै। तहसील अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के समय में किसानों का देशभर में 22 हजार करोड़ रुपया किसानों का बकाया है। गांव बंद का उद्देश्य यही है कि केंद्र सरकार को किसानों की तकलीफों का अहसास हो और किसानों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। धनौरा में रविवार को महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसमें पहुंचने के लिए किसानों का आह्वान किया गया। गांव बंद आंदोलन में मनोहर सिंह, मोहन लाल, रामवीर, धर्मवीर सिंह, श्योराज सिंह, किशन लाल, हरि सिंह रहे।