जुनावई। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के असदपुर और ईसमपुर डांडा गांव के आसपास तेंदुए की मौजूदगी की सूचना से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी पशुपालक किसानों को हो रही है, जिन्हें रोजाना पशुओं के लिए खेतों से चारा लाना पड़ता है। डर के कारण ग्रामीण समूह बनाकर खेतों की ओर जा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ समय से असदपुर और ईसमपुर डांडा के आसपास खेतों और खलिहानों में तेंदुआ दिखाई देने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। शाम ढलने के बाद खेतों की ओर जाने में ग्रामीण अधिक डर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को भी अकेले बाहर भेजने से परिजन बच रहे हैं। ईसमपुर डांडा गांव निवासी सुरेश कुमार और विजय कुमार यादव ने बताया कि तेंदुए के डर से खेतों में जाने में परेशानी हो रही है। पशुओं के लिए चारा लाने के लिए भी डर के बीच खेतों पर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और तेंदुए की तलाश के लिए टीम लगाकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
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आश्रम की दीवार पर मिले पंजों के निशान
वन क्षेत्राधिकारी बृज मोहन सिंह ने बताया कि ईसमपुर डांडा स्थित आश्रम मढ़ी की दीवार पर तेंदुए के पंजों के निशान मिले हैं। इसके अलावा गुन्नौर क्षेत्र के गंगावास में शुक्रवार सुबह एक लड़के ने तेंदुआ देखने की बात बताई है। इस क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया है। हालांकि शुक्रवार को अभी तक तेंदुए की कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी है। वन विभाग की टीम क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है।