संभल। गंगा एक्सप्रेस वे के लिए अब तक सर्किल रेट के चार गुने दाम पर बैनामे हुए हैं लेकिन अब शुक्रवार को लेखपालों ने चार गुने से कम दाम पर जमीन खरीदने के लिए किसानों से वार्ता की। वार्ता के दौरान किसानों ने लेखपालों को आड़े हाथ लिया। अझरा और खिरनी में बीस किसानों ने यह भी कहा कि चार गुना दाम में भी घाटा है। अगर जमीन चाहिए तो छह गुना भुगतान किया जाए।
गंगा एक्सप्रेस वे के लिए जिले के 31 गांवों के किसानों की जमीन चिह्नित जमीन ली जानी है। जमीन पर एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा। सर्किल रेट का अधिकतम चार गुना भुगतान किया जा सकता है। सरकार के नियमों के मुताबिक जमीन खरीदने पर सर्किल रेट का अधिकतम चार गुना भुगतान किया जा सकता है। इसके तहत 28 फरवरी से बैनामे शुरू हुए। जिन किसानों ने बैनामा किया सबको सर्किल रेट का चार गुना भुगतान किया गया लेकिन शुक्रवार को लेखपाल गांव पहुंचे और किसानों से पूछा कि क्या वे सर्किल रेट के चार गुना से कम दाम पर अपनी जमीन देने को तैयार हैं। यदि हां तो इसके लिए सहमति पत्र भरकर दें लेकिन किसी ने सहमति पत्र नहीं भरा। अझरा और खिरनी में लेखपाल ओमकार गौड़ ने किसानों के संग अलग-अलग बैठक की। दोनों स्थानों के सौ किसान थे। अधिकतर किसानों ने कहा कि वे सर्किल रेट का चार गुना से कम दाम पर जमीन नहीं देंगे। बीस किसानों ने सर्किल रेट का छह गुना दाम मांगा लेकिन किसी किसान ने सर्किल रेट से काम दाम पर जमीन देने के लिए सहमति पत्र नहीं भरा।