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रेट तय नहीं हुआ, जिले में चालू हो गईं चीनी की मिलें

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बहजोई। अभी गन्ने के रेट तय तक नहीं हुए हैं और जिले की चीनी मिलों का पहिया लगातार घूमने लगा। इससे चीनी मिलों पर गन्ना डालने को लेकर किसान असमंजस में हैं। किसान कोल्हू पर गन्ना डालने को मजबूर हैं।
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भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह का कहना है कि एक तो पहले से ही वीनस शुगर मिल पर दो वर्षों का बकाया गन्ना भुगतान है। अब तीसरे वर्ष भी बिना रेट तय हुए ही यदि मिल पर गन्ना डाल दिया गया तो फिर तीन वर्ष का गन्ना भुगतान भी फंस गया तो फिर किसान सड़क पर आ जाएंगे। सोमवार को जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह की अगुवाई में भाकियू अअ का एक प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट पहुंचा और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें भाकियू पदाधिकारियों का कहना था कि रेट तय कर किसानों का बकाया गन्ना भुगतान दिलाया जाए।
इसके अलावा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। देश भर में से गोवंशीय पशुओं का कटान बंद कराया जाए। जिले भर के गोआश्रय स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएं। इसके अलावा धनारी में महावा नदी को पुनर्जीवित कराया जाए।
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धनारी रेलवे स्टेशन पर बांदीकुई पैसेंजर ट्रेन व लिंक एक्सप्रेस का स्टापेज कराया जाए। हरियाणा की तरह बिजली के दाम कम किए जाएं। पदाधिकारियों का कहना था कि यदि 24 नवंबर 2019 तक किसानों की इन समस्याओं का निस्तारण नहीं कराया गया तो 25 नवंबर 2019 को मुरादाबाद में कमिश्नरी का घेराव किया जाएगा। ज्ञापन में आशिक रजा, ऋषिपाल यादव, राजपाल यादव, अनीस अहमद, जयवीर यादव व अशोक कुशवाहा आदि के नाम हैं।
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