रोजमर्रा की समस्याओं का निदान न हो पाने से मंगलवार को किसान आपा खो बैठे। दस सूत्रीय मांग को लेकर तहसील दिवस में पहुंचे किसान एसडीएम पर बिफर गए। एसडीएम से बोले-आप सबसे ज्यादा भ्रष्ट, गरीबों का दिल दुखा रहे।
भारतीय किसान संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री सुकर्णपाल राणा ने यहां तक कह डाला कि, हालात न सुधरे तो भ्रष्ट अफसर जूतों से पीटे जाएंगे, काटे भी जाएंगे। बीडीओ पर जमकर आरोप लगाए। लगभग दस मिनट तक किसान हंगामा करते रहे।
इस बीच अधिकारी चुपचाप बैठे किसानों की बातों को सुनते रहे। वहीं पवांसा बीडीओ से एक किसान की काफी देत तक नोकझोंक हो हुई। बाद में एडीएम ने किसानों को समझा बुझाकर भेजा। इधर, इस मामले में किसान नेता से बात करने की कोशिश की गई, मगर संपर्क नहीं हो सका।
भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसान एकत्र होकर तहसील दिवस में पहुंचे थे। उन्होंने पहले अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद वह ज्ञापन देने के लिए अंदर पहुंच गए। यहां किसानों ने अधिकारियों को अपनी समस्या बतानी शुरू की तो एसडीएम ने कहा कि तेज मत बोलिए आराम से अपनी समस्या बताइए। इस पर प्रांतीय संगठनमंत्री भड़क गए, बोले- आप मत बोलिए।
आपसे ज्यादा भ्रष्ट कोई नहीं है। कुछ गरीबों पर रहम करो इनका दिल में मत दुखाओ। हंगामा होते देख पवांसा बीडीओ लोकेंद्र राणा किसानों को शांत करने के लिए पहुंचे तो एक किसान की बीडीओ से नोकझोंक हो गई। काफी देर नोकझोंक होती रही। किसानों ने तहसील दिवस में जमकर हंगामा किया।
बाद में एडीएम आरपी यादव ने किसानों की सभी समस्याओं का सात दिन के अंदर समाधान करने का आश्वासन देकर किसानों को शांत किया। संघ के संगठन मंत्री सुकर्णपाल सिंह राणा ने कहा कि पिछले छह माह से किसानों की समस्या को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं है। जब तक इन्हें रिश्वत न दी जाए तब तक यह काम ही नहीं करते।
महीपाल सिंह, नेमवती, उमेश कुमार, महावीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, भारत सिंह, राजू, भोले सिंह त्यागी आदि मौजूद रहे।
किसान विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने के लिए आए थे। उन्होंने हंगामा किया लेकिन उन्हें समझा बुझाकर शांत कर दिया गया। जो भी किसानों की समस्याएं है। उनका तत्काल समाधान कराया जाएगा।
-राशिद अली खां, एसडीएम।