तहसील में लेखपाल और अधिवक्ता के बीच हुई मारपीट के मामले में एसडीएम के समक्ष हुई वार्ता विफल हो गई। अब दोनों पक्षों में मंगलवार को दोबारा वार्ता होगी। विवाद के चलते सोमवार को लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया जबकि अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
गुन्नौर तहसील में शनिवार को समाधान दिवस के दौरान किसान की जमीन की विरासत को लेकर लेखपाल और अधिवक्ता के बीच मारपीट हो गई थी। कार्रवाई के लिए दोनों ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। सोमवार को लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर दिया, जबकि अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहे। दोपहर में एसडीएम रामकेश धामा ने अधिवक्ताओं और लेखपालों को वार्ता के लिए बुलाया। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुनील यादव और तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान सिंह यादव समेत लेखपाल और अधिवक्ता वार्ता के लिए पहुंचे। करीब आधे घंटे तक हुई वार्ता सफल नहीं हो सकी। वार्ता के दौरान लेखपालों ने समझौते का आश्वासन दिया लेकिन संबंधित लेखपाल वसीम अहमद के न पहुंचने पर अधिवक्ताओं ने समझौता मानने से मना कर दिया। अधिवक्ताओं का कहना था कि संबंधित लेखपाल को बुलाया जाए और लिखित समझौता कराया जाए। मौखिक समझौते पर अधिवक्ता सहमत नजर नहीं आए। वार्ता विफल होने के बाद अधिवक्ताओं ने मंगलवार से कलमबंद हड़ताल करने का एलान किया है।