रिटायर्ड जूनियर इंजीनियर शकील अहमद की हत्या को छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पाई है। उनके ही पैतृक आवास पर 28 अगस्त की रात चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। बेटे ने सौतेली मां के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके खिलाफ साक्ष्य न मिलने के बाद पुलिस ने क्लीन चिट दे दी। हालांकि इंजीनियर की हत्या अभी भी राज बनी हुई है। पुलिस के पास सिर्फ एक ही जवाब है कि जांच चल रही है।
गुन्नौर के मोहल्ला मासूम अली के रहने वाले शकील अहमद डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) से जूनियर इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त थे। करीब छह साल से दूसरी पत्नी अमन उर्फ रजिया के साथ पैतृक मकान में रहते थे। उनका शव 28 अगस्त की रात घर में लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था। चाकुओं से गोदकर उनकी हत्या की गई थी। उस समय वह घर में अकेले थे। पत्नी अमन नगर में मेला देखने गई थीं।
शकील अहमद के बेटे खुर्रम ने सौतेली मां अमन उर्फ रजिया और अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। कई दिन तक उससे पूछताछ की गई। लेकिन पुलिस को हत्यारोपी महिला के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह साबित हो, सके कि हत्या उसने या उसके द्वारा कराई गई है। कॉल डिटेल और सीसीटीवी कैमरे से भी कोई मदद नहीं मिली। इसके अलावा शकील अहमद के घर आने -जाने वाले कई करीबियों से भी पूछताछ की गई। हर एंगल से पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अब घटना को छह महीने हो चुके हैं। हत्या परिवार और नगर के लोगों के लिए पहेली बनी हुई है।
वर्जन
- इस घटना की जांच चल रही है। मृतक की पत्नी के खिलाफ हत्या करने या कराने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। अब पुन: कुछ नए एंगल पर जांच चल रही है। उम्मीद है जल्द घटना का खुलासा होगा। -
अनुकृति शर्मा, एएसपी दक्षिणी संभल