संभल।
फर्जी तरीके से किए गए बीमा के क्लेम को हड़पने वाले गिरोह के तार आधे देश में फैले हैं। इस गिरोह में बैंक कर्मचारियों के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है। अब मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में निकाय, ग्राम पंचायत और अस्पताल के कर्मचारियों के भी शामिल होने का पुलिस को शक है। एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में चल रही जांच में दिनोंदिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने दो बैंक कर्मचारियों समेत 14 आरोपियाें को जेल भेज दिया है। अन्य की तलाश में पुलिस की टीम लगी है।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि रजपुरा और गुन्नौर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए छह आरोपी पकड़े थे। इससे पहले भी आठ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। बताया कि बैंक कर्मचारियों में बुलंदशहर जिले के अनूपशहर में स्थित यस बैंक की शाखा में तैनात डिप्टी मैनेजर बुलंदशहर के कोठियात देवीपुरा निवासी नितिन चौधरी और इसी जिले के थाना छतारी अंतर्गत बहलौलपुर निवासी अभिनेश राघव शामिल थे।
बीमा पॉलिसी की जांच करने वाली कंपनी ईस्ट इंडिया का मालिक बिहार के जिला औरंगाबाद हाल पता झारखंड के जिला रांची थाना चोटिया अंतर्गत प्रगति गार्डेनिया निवासी शैलेंद्र कुमार को भी जेल भेजा गया है। एसपी ने बताया कि अभी पुलिस की जांच चल रही है। अस्पताल, निकाय और ग्राम पंचायत स्तर से जारी किए गए मृत्यु प्रमाणपत्र की जांच की जा रही है। जिसका दोष सामने आएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें यह गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, दिल्ली, हरियाणा व अन्य कई राज्यों में काम करता है। पॉलिसी की जांच करने वाली कंपनी भी इन सभी राज्यों में काम करती है। इस सांठगांठ से ही बीमा क्लेम हड़पे जा रहे थे। अब पुलिस ने मृत्यु प्रमाणपत्रों की जांच शुरू की है। इसमें भी अस्पताल, निकाय और ग्राम पंचायतों के अधिकारी व कर्मचारी पकड़ में आ सकते हैं।
गिरोह के दो सदस्य पकड़े गए तो खुला इस करोड़ों के गबन का राज
17 जनवरी को रजपुरा पुलिस ने वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्र और गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबराला निवासी अमित को गिरफ्तार किया था। इन दोनों आरोपियों ने ही पुलिस को बताया था कि वह ऐसे गिरोह में काम करते हैं जो मर चुके और मरने की हालत वाले लोगों का बीमा करता है। इसके बाद बीमा क्लेम की रकम को हड़प लिया जाता है। पुलिस को इन दोनों आरोपियों की कार से बीमा पॉलिसी के दस्तावेज, लाखों रुपये की नकदी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे जो फर्जी तरीके से बनाए गए थे।
कोट
- बीमा क्लेम हड़पने वाले गिरोह ने कई करोड़ का गबन किया है। इस गिरोह के अभी तक 14 सदस्य पकड़े गए हैं। पुलिस की छानबीन जारी है। जल्द अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे।- कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल।